बोले…
पीओपी रासायनिक रंगों की जगह पर्यावरण अनुकूल मिट्टी का उपयोग करें…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर आगामी गणेश उत्सव, दुर्गोत्सव एवं विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर निर्मित होने वाली प्रतिमाओं को लेकर नगर निगम द्वारा आज शहर के मूर्तिकारों की बैठक आयोजित की गई। नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बैठक में सभी मूर्तिकारों को प्रतिमा निर्माण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल एवं शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की।

अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने कहा कि मूर्तिकार समाज की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी कला के माध्यम से हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रतिमा निर्माण की कला के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा जाए।उन्होंने कहा कि प्रतिमा निर्माण में प्रतिबंधित प्लास्टिक, पीओपी अथवा ऐसे किसी भी पदार्थ का उपयोग न किया जाए, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो। विशेष रूप से जल में विसर्जन के दौरान प्लास्टिक, पीओपी, रासायनिक रंग एवं अन्य गैर-:
जैव अपघटनीय सामग्री जल स्रोतों में पहुंचकर जल की गुणवत्ता प्रभावित कर सकती है, जलीय जीवों एवं वनस्पतियों को नुकसान पहुंचा सकती है तथा मिट्टी और जल प्रदूषण का कारण बन सकती है। इसलिए प्रतिमा निर्माण में पर्यावरण अनुकूल सामग्री एवं प्राकृतिक रंगों के उपयोग को प्राथमिकता दी जाए और प्रतिमा पर्यावरणीय अनुकूल मिट्टी से बनाएं।

बैठक में मूर्तिकारों से अपील की गई कि ऐसी प्रतिमाओं का निर्माण करें, जिनमें आस्था और कला के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिखाई दे। धार्मिक उत्सव हमारी संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक हैं, इसलिए इन आयोजनों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन एवं पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने अथवा प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना सहित अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने सभी मूर्तिकारों से कहा कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए अभी से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें और पर्यावरण संरक्षण में नगर निगम का सहयोग करें। आज की बैठक में शरद प्रजापति,राकेश प्रजापति,राकेश कौशिक,अमन प्रजापति तापस पाॅल,सुरेश कश्यप,शाहिद,सुजीत सूत्रधार,नीरज कौशिल क्रांति केंवट,भोला पाॅल, प्रेममनी कुम्हार, जयप्रकाश वर्मा, मंगेश भजनकार
सुशील भागवत,उमाकांत सहारे, सोनू सहारे समेत बड़ी सख्या में मूर्तिकार उपस्थित रहें।

पर्यावरण अनुकूल प्रतिमा निर्माण का संदेश
नगर निगम ने शहर के सभी मूर्तिकारों से अपील की है कि आगामी उत्सवों में आस्था भी, संस्कृति भी और पर्यावरण संरक्षण भी” के संकल्प के साथ प्रतिमाओं का निर्माण करें। मूर्तिकारों की कला समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है और यदि यही कला पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।

