7 महिलाओं सहित 9 आरोपी गिरफ्तार…!
रतनपुर पुलिस की कार्रवाई…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] चलती बस में भीड़ और धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर यात्रियों के गले से सोने की चेन झपटने वाले संगठित गिरोह का रतनपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में 7 महिलाओं समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चेन बेचकर मिले 8 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कई पूर्व में भी उठाईगिरी और झपटमारी के मामलों में जेल जा चुके हैं। मामले में संगठित अपराध की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के मुताबिक बांकीमोंगरा निवासी भगवान राम प्रधान ने 11 अगस्त 2026 को रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त को वह अपनी पत्नी गीता प्रधान के साथ बिलासपुर गए थे। काम पूरा करने के बाद दोनों ने नेहरू चौक से बांकीमोंगरा जाने वाली बस पकड़ी। गीता प्रधान ने गले में सोने की चेन पहन रखी थी।
बस में महामाया चौक के पास कुछ महिलाएं सवार हुईं। भीड़ के कारण भगवान राम और उनकी पत्नी को सीट नहीं मिली और दोनों खड़े होकर यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान बस में सवार महिलाओं ने योजनाबद्ध तरीके से धक्का-मुक्की शुरू कर दी और गीता प्रधान को चारों ओर से दबा दिया। कुछ देर बाद महिलाएं शनिचरी चौक रतनपुर के पास बस से उतर गईं।
रतनपुर पहुंचने के बाद जब बस खाली हुई और दंपती को सीट मिली, तब गीता प्रधान ने अपने गले पर हाथ लगाया तो सोने की चेन गायब थी। इसके बाद उन्होंने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
CCTV ने खोला राज, कोनकोना तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रतनपुर पुलिस ने शनिचरी चौक रतनपुर और महामाया चौक बिलासपुर के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियां सामने आईं। जांच के दौरान उनकी पहचान कोनकोना, थाना बांगो क्षेत्र की रहने वाली महिलाओं के रूप में हुई।
इसके बाद रतनपुर पुलिस की टीम ने कोनकोना में घेराबंदी कर 7 महिलाओं और 2 पुरुषों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर एकजुट होकर बस में महिला यात्री को निशाना बनाने और धक्का-मुक्की के दौरान उसकी चेन चोरी करने की बात स्वीकार की।
20 हजार में बेची चेन, 12 हजार खर्च
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई सोने की चेन को उनके गिरोह की एक अन्य महिला सुरतनी गिरी, निवासी रामनगर थाना कुसमी को करीब 20 हजार रुपये में दिया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने इसमें से 12 हजार रुपये खर्च कर दिए थे, जबकि शेष 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए।

गिरफ्तार सभी 9 आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े फरार अन्य आरोपियों और चोरी की चेन के संबंध में आगे की जानकारी जुटा रही है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार-:
अंजली गिरी पति मनोज गिरी गोस्वामी, उम्र 25 वर्ष लोहारिन बाई पति हरिनाथ उर्फ खिरू गिरी गोस्वामी, उम्र 50 वर्ष
सुनीता गिरी पति स्व. बलबीर गिरी गोस्वामी, उम्र 30 वर्ष।
रामबाई पति हरिनाथ उर्फ खिरू गिरी गोस्वामी, उम्र 40 वर्ष।
प्रीति गिरी पति नरेश गिरी, उम्र 30 वर्ष
शिवानी पति राकेश गिरी गोस्वामी, उम्र 20 वर्ष
देवी गिरी पति राम गिरी गोस्वामी, उम्र 20 वर्ष
नरेश गिरी पिता सुखराम गिरी गोस्वामी, उम्र 35 वर्ष।
राम गिरी पिता ओप्रकाश गिरी गोस्वामी, उम्र 20 वर्ष।
सभी आरोपी कोनकोना ठिहईभाठा, थाना बांगो, जिला कोरबा निवासी बताए गए हैं।
पुलिस टीम की अहम भूमिका:-
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, प्रधान आरक्षक बलदेव सिंह, आरक्षक अखिलेश पारकर, मोरध्वज चन्द्रा तथा महिला आरक्षक अंजेला खलखो का विशेष योगदान रहा।
पुलिस की इस कार्रवाई से बसों में यात्रियों को निशाना बनाकर झपटमारी करने वाले गिरोह में हड़कंप मच गया है। CCTV फुटेज और लगातार पूछताछ के जरिए पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में जुटी है।

