1000 से अधिक विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड नशा यातायात और कानूनों की दी गई जानकारी जागरूकता की एक सेल्फी से दिया सुरक्षा का संदेश…!
मुंगेली-[जनहित न्यूज़]
मुंगेली पुलिसिंग केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले समाज को जागरूक करना भी एक जिम्मेदार पुलिस व्यवस्था की पहचान है। इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए मुंगेली जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा “साइबर जागृति अभियान” अब विद्यार्थियों के बीच सुरक्षा और जिम्मेदारी की नई चेतना पैदा कर रहा है।
एसएसपी भोजराम पटेल की परिपक्व कार्यशैली और दूरदर्शी पुलिसिंग का उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब मुंगेली पुलिस ने महज साइबर अपराध की जानकारी देने तक सीमित न रहते हुए स्कूलों में साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, यातायात सुरक्षा, POCSO एक्ट और नए आपराधिक कानूनों को एक साथ जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाया। 19 अगस्त को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशरंगपुर तथा 20 अगस्त को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोना, थाना जरहागांव में आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 1000 विद्यार्थी शामिल हुए।

‘साइबर जागृति’ बनी विद्यार्थियों की सुरक्षा की ढाल कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। पुलिस टीम ने समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। फर्जी कॉल, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी और अन्य साइबर अपराधों को लेकर भी विद्यार्थियों को सतर्क किया गया।
यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज विद्यार्थी स्वयं डिजिटल दुनिया का हिस्सा हैं और उनके माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश परिवार तक आसानी से पहुंच सकता है। मुंगेली पुलिस ने इसी क्षमता को जागरूकता अभियान की ताकत बनाया है।
नशे के खिलाफ विद्यार्थियों को बनाया जागरूक प्रहरी:-
पुलिस ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने की अपील की। साथ ही विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने साथियों, परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करें।
सड़क सुरक्षा पर भी दिया विशेष जोर
कार्यक्रम में यातायात नियमों को लेकर भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, यातायात नियमों का पालन तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की समझाइश दी गई।

पुलिस का यह संदेश केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके माध्यम से घर-परिवार तक सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी पहुंचाने का प्रयास किया गया।
POCSO और नए कानूनों की जानकारी देकर बढ़ाया आत्मविश्वास:-
मुंगेली पुलिस ने विद्यार्थियों को POCSO एक्ट और नए आपराधिक कानूनों के संबंध में भी जानकारी दी। बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार की परेशानी अथवा अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग एवं आत्मविश्वासी बनाना रहा।
‘जागरूकता की एक सेल्फी’ बनी अभियान की खास पहचान:-
कार्य एसएसपी भोजराम पटेल की परिपक्व पुलिसिंग का असर…साइबर सुरक्षा से सड़क सुरक्षा तक… स्कूलों में गूंजी जागरूकता की आवाज…! क्रम के अंत में विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों एवं टीम के साथ जागरूकता की एक सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। यह पहल जागरूकता को केवल स्कूल परिसर तक सीमित रखने के बजाय सोशल मीडिया और समाज तक पहुंचाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास बनकर सामने आई।

एसएसपी भोजराम पटेल की पुलिसिंग में कार्रवाई के साथ जागरूकता भी मुंगेली पुलिस का यह अभियान बताता है कि आधुनिक पुलिसिंग का मतलब केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज को अपराध से बचने के लिए सक्षम बनाना भी है। एसएसपी भोजराम पटेल की परिपक्व सोच में पुलिस और जनता के बीच संवाद, विद्यार्थियों में कानून की समझ और समाज में सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने पर विशेष जोर दिखाई देता है।

यही वजह है कि साइबर जागृति अभियान स्कूलों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को केवल जानकारी नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें साइबर सुरक्षा के संदेशवाहक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित कर रहा है।
मुंगेली पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अभियान के संदेश को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाएं तथा स्वयं जागरूक रहते हुए दूसरों को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करें। जिले में आमजन की सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए यह जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

