SSP रजनेश सिंह बोले…
लड़कों के दो गुटों के विवाद ने लिया हिंसक रूप पुलिस पर भी हुआ हमला हथियारों और छतों से पथराव के फुटेज खंगाल रही पुलिस…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर रक्षाबंधन की रात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज और आसपास के इलाकों में हुए पथराव, तोड़फोड़ और बम फेंके जाने की घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक पक्ष के 8 और दूसरे पक्ष के 3 आरोपी शामिल हैं। पुलिस अब घटना के दौरान सामने आए CCTV फुटेज और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर हिंसा में शामिल बाकी लोगों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सोमवार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मध्यनगरी चौक के पास एक बिरयानी सेंटर के सामने कुछ लड़कों के बीच धार्मिक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद मारपीट और पथराव में बदल गया। सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने एक घायल को अस्पताल भी पहुंचाया।
विवाद के बाद फोन-मैसेज से जुटी भीड़:-
SSP के मुताबिक प्रारंभिक घटनाक्रम के बाद दोनों गुटों के लोगों ने फोन और मैसेज के जरिए अपने साथियों को बुलाया। इसके बाद विवाद गलियों तक पहुंच गया और कई स्थानों पर घरों व दुकानों पर पथराव तथा तोड़फोड़ की गई। घरों के सामने खड़ी गाड़ियों को भी लाठी-रॉड से क्षतिग्रस्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालात बिगड़ने पर पुलिस लाइन के बल के साथ शहरी थानों और जिले के अन्य थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। बटालियन की फोर्स भी तैनात की गई। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर नियंत्रण पाया। स्थिति संभालने के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया गया।
एक पक्ष के 8, दूसरे पक्ष के 3 आरोपी गिरफ्तार:-
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक पक्ष के मौला बक्स उर्फ जूब्बू, उम्र 37 वर्ष
शेख अजरूद्धीन उर्फ अज्जू, उम्र 25 वर्ष
मोहम्मद जाहिद खान, उम्र 45 वर्ष
सफीक अहमद उर्फ राजा खान, उम्र 31 वर्ष
शकीर उर्फ सोनू, उम्र 24 वर्ष
मोहम्मद लाईक, उम्र 37 वर्ष
रेहान अली उर्फ ईरानी, उम्र 19 वर्ष
मो. जुनैद, उम्र 21 वर्ष
शामिल हैं।
वहीं दूसरे पक्ष से:-
राजू यादव उर्फ नान, उम्र 30 वर्ष
राकेश यादव उर्फ रिंकु, उम्र 24 वर्ष
छत्रपाल साहू, उम्र 25 वर्ष
को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
हथियार और छतों से पथराव के फुटेज भी जांच के घेरे में:-
घटना के दौरान खपरगंज क्षेत्र में कुछ घरों की छतों से पथराव किए जाने, ज्वलनशील वस्तु/बम फेंके जाने तथा हथियार लेकर घूम रहे लोगों के वीडियो फुटेज सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस इन फुटेज की तस्दीक कर रही है और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की जा रही है।
SSP ने स्पष्ट किया कि CCTV फुटेज और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर किसी भी ऐसे व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, जिसकी हिंसा में भूमिका सामने आती है।

सोहेल के खिलाफ 11 अपराध दर्ज होने का दावा। SSP रजनेश सिंह ने बताया कि सोहेल खान के खिलाफ पूर्व में 11 अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि उसके साथियों के एकत्र होने के बाद स्थिति बिगड़ी और पथराव शुरू हुआ। पुलिस पर भी हमला किया गया, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
आरोपियों की तलाश के लिए अलग टीम
पुलिस ने CCTV फुटेज एकत्र करने, संदिग्धों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग टीम गठित की है। टीम घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के दौरान मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और किन लोगों ने भीड़ को जुटाने में भूमिका निभाई।
इसके अलावा सोशल मीडिया और मोबाइल मैसेज के जरिए फैलाए गए भड़काऊ एवं तनाव बढ़ाने वाले संदेशों पर भी पुलिस की नजर है। ऐसे मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात SSP ने कही है।
आरोपियों की सूची जारी करने को लेकर CCTNS स्टाफ भी जांच के घेरे में
घटना के बाद आरोपियों की सूची सार्वजनिक होने के मामले में भी पुलिस विभाग के स्तर पर जांच की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति आरोपियों की सूची जारी किए जाने को लेकर थाने के CCTNS स्टाफ की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आगे के त्योहारों में पुलिस की परीक्षा:-
बिलासपुर में आने वाले दिनों में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, गणेश विसर्जन, नवरात्र, दुर्गोत्सव, दुर्गा विसर्जन, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े पर्व हैं। ऐसे में रक्षाबंधन की रात हुई हिंसक घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा तेज है।
अब निगाह इस बात पर है कि CCTV में सामने आ रहे एक-एक चेहरे की पहचान कर पुलिस कितनी निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करती है। यदि हिंसा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई होती है तो आगामी पर्वों के दौरान कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में पुलिस को मजबूती मिलेगी।

