पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के खाते से 7 बार हुआ लेन-देन, आरोपी न्यायिक रिमांड पर बैंकिंग रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस…!
मुंगेली-[जनहित न्यूज़] शासकीय राशि के अनधिकृत अंतरण के मामले में मुंगेली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में पदस्थ रहे एक बैंक लिपिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से विभिन्न खातों में कुल 26 लाख 87 हजार रुपये का अनधिकृत लेन-देन किया गया। मामले में आरोपी टिकेश कुमार (30) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रकरण में पुलिस की विवेचना जारी है।
पुलिस के मुताबिक कलेक्टर मुंगेली के आदेश क्रमांक 15388/राजस्व/अधोसंरचना/2026, दिनांक 07 अगस्त 2026 के आधार पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मुंगेली के शासकीय खाता क्रमांक 3742452827 से संबंधित अनधिकृत लेन-देन की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश मिले थे। इसके बाद थाना सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों एवं बैंकिंग रिकॉर्ड की प्रारंभिक जांच के बाद अपराध क्रमांक 253/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
30 सितंबर से 8 अक्टूबर के बीच सात बार हुआ ट्रांजेक्शन:-
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर पुलिस ने बैंक खाते, ट्रांजेक्शन विवरण, संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। विवेचना में सामने आया कि 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय खाते से कुल 7 बार अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए। इन लेन-देन में कुल 26.87 लाख रुपये की राशि का आहरण एवं पुनः जमा किए जाने की बात सामने आई।
बैंक लिपिक की भूमिका प्रथमदृष्टया सामने आई:-
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी टिकेश कुमार पिता स्व. रैन सिंह, निवासी ग्राम खैरवाही, थाना चारामा, जिला कांकेर, हाल निवासी रायपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2022 से जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में क्लर्क के पद पर पदस्थ था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को ग्राहक केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन, एनईएफटी, आरटीजीएस एवं राशि अंतरण सहित विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी। बैंक प्रबंधन के निर्देश पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के बंद शासकीय खाते को पुनः सक्रिय कराया गया था।
निजी खाते में पहुंची 8.50 लाख की रकम
पुलिस के अनुसार 30 सितंबर 2025 को उक्त शासकीय खाते से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8 लाख 50 हजार रुपये स्थानांतरित किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में क्रमशः 9 लाख 19 हजार रुपये और 9 लाख 18 हजार रुपये का अंतरण किया गया। इस प्रकार कुल 26 लाख 87 हजार रुपये के अनधिकृत लेन-देन का मामला सामने आया।
पुलिस के अनुसार इसमें से 1 लाख 61 हजार 500 रुपये अतिरिक्त राशि होने के कारण शासन के खाते में वापस आ गई थी। आरोपी ने पूछताछ में राशि का अंतरण बैंक मैनेजर के अप्रूवल के बाद सीबीएस प्रणाली के माध्यम से किए जाने की बात बताई है। पुलिस ने बैंकिंग दस्तावेज, सीबीएस प्रणाली में उपलब्ध विवरण और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया।
धारा 316(5) बीएनएस भी जोड़ी गई
उपलब्ध बैंकिंग रिकॉर्ड एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका प्रथमदृष्टया पाए जाने पर प्रकरण में धारा 316(5) बीएनएस भी जोड़ी गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने टिकेश कुमार को 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। उसे 24 सितंबर 2026 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है तथा बैंकिंग रिकॉर्ड एवं संबंधित दस्तावेजों के आधार पर विवेचना आगे जारी है।
इनकी रही अहम भूमिका:-
पूरी कार्रवाई में निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सउनि ईश्वर सिंह राजपूत तथा आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव और मनोज टंडन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला एवं एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में की गई।

