सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल…
सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज ने मचाई हलचल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] बिलासपुर सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। जेल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जेल में बंद रितेश निखारे उर्फ ‘मैडी’ मोबाइल फोन पर बातचीत करता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था, मुलाकात प्रक्रिया और निगरानी तंत्र को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो ‘मोहम्मद आमिर’ नाम की सोशल मीडिया आईडी से पोस्ट किया गया है। हालांकि वीडियो कब का है, इसे कहां और किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किया गया तथा इसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति वास्तव में जेल में निरुद्ध बंदी ही है या नहीं इन तमाम बिंदुओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अगर वीडियो सही है तो मोबाइल जेल के अंदर पहुंचा कैसे…?
वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि होने पर सबसे बड़ा सवाल जेल की सुरक्षा जांच व्यवस्था पर उठेगा। जेल में प्रवेश करने वाले मुलाकातियों और सामान की जांच के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के बावजूद यदि कोई मोबाइल फोन बंदी तक पहुंचा, तो यह सामान्य चूक से कहीं अधिक गंभीर मामला माना जाएगा।
सवाल यह भी है कि…जेल के भीतर मोबाइल फोन आखिर पहुंचा कैसे…?
क्या मुलाकात के दौरान सुरक्षा जांच में चूक हुई? क्या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई…?
क्या किसी बाहरी व्यक्ति ने मोबाइल पहुंचाने में मदद की…?
या फिर जेल के भीतर से ही किसी स्तर पर सहयोग मिला…?
इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पहरेदारी और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल
यदि वायरल फुटेज वास्तविक पाया जाता है और वीडियो जेल परिसर के भीतर ही बनाया गया है, तो निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बंदी के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और उसका इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सुरक्षा अमले को क्यों नहीं हुई…?
वीडियो वायरल होने के बाद अब यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि फुटेज कब रिकॉर्ड किया गया, मोबाइल फोन जेल के भीतर किस माध्यम से पहुंचा और वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कौन था।

वीडियो की पुष्टि के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर जेल प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वीडियो को अंतिम सत्य मानना जल्दबाजी होगी। बावजूद इसके, वायरल फुटेज ने बिलासपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था और मुलाकात प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जेल प्रशासन इस वायरल वीडियो की जांच कब और कैसे कराता है तथा यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है तो जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

