घिनोने कृत्य के बाद दरिंदे ने लाश को खंडहरनुमा मकान में छिपा रखा था
13-सितंबर 2021
राजनांदगांव-{जनहित न्यूज़}
राजनांदगांव। नाबालिग से दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने वाले दरिंदे को राजनांदगांव की एक अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी ने नाबालिग की लाश को खंडहरनुमा मकान में छिपा रखा था। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेष वर्मा ने यह फैसला सुनाया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार घटना जिले के चिखली चौकी अंतर्गत कांकेतरा गांव में हुई थी। जिस पर आज राजनांदगांव जिला न्यायालय की पॉक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। आरोपी शेखर कोर्राम को फांसी की सजा सुनाई गई है। आरोपी ने बालिका की हत्या कर लाश को खंडहरनुमा मकान में छिपाया था। सभी पक्षों को सुनने के बाद पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने आरोपी शेखर कोर्राम को फांसी की सजा सुनाई है।
क़रीब साल भर पहले चार साल की अबोध के साथ बलात्कार और हत्या करने वाले आरोपी को राजनांदगाँव स्पेशल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने फाँसी की सजा दी है। वारदात 22 अगस्त 2020 की है, मृतिका अबोध का शव आरोपी के घर से ही बरामद हुआ था। ज़िले के खैरागढ रोड पर मौजुद कांकेतरा गाँव में दोपहर से बच्ची ग़ायब हो गई थी, शाम पाँच बजे जबकि पुलिस के पास मामले की जानकारी आई तो उसके बाद पुलिस ने खोजबीन शुरु की, बालिका की तलाश तलाब में करने के बाद हर घर में सर्च अभियान चलाया गया। बच्ची का रक्त रंजित शव बच्ची के घर से सौ मीटर दूर एक घर जो आरोपी शेखर कोर्राम का था, वहाँ से बरामद किया गया।पोस्टमार्टम के बाद बच्ची से अनाचार और हत्या का तथ्य प्रमाणित हुआ था वहीं आरोपी को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था।
आरोपी को सजा दिलाने में डीएनए रिपोर्ट की अहम भुमिका थी, डीएनए रिपोर्ट के साथ साथ प्रकरण में हर संभव साक्ष्यों के साथ साथ चालान के जल्द कोर्ट में जमा होने में कप्तान डी श्रवण की अहम भुमिका थी। इस मामले में फ़ैसला देते हुए राजनांदगाँव स्पेशल कोर्ट ( फ़ास्ट ट्रेक ) के जज शैलेष वर्मा ने आरोपी शेखर कोर्राम को फाँसी की सजा दी है। यह राजनांदगाँव ज़िले में किसी मामले में दी गई पहली फाँसी के आदेश का मामला माना जा रहा है।


