आयोजनों पर सरकार का 19 शर्तो वाले आदेश के खिलाफ भाजपा ने खोला मोर्चा
15 दिन का दिया अल्टीमेटम कानून वापस नहीं लिया तो करेंगे उग्र आंदोलन
01 मई 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] छत्तीसगढ़ सरकार ने अब किसी भी तरह की रेली और प्रदर्शनों के लिए 19 बिंदुओं की शर्त रखी है जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तरह की धार्मिक राजनीतिक सामाजिक आयोजन सहित निजी और सार्वजनिक आयोजनों के लिए पूर्व में शपथ पत्र के साथ कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी अगर इन बिंदुओं का उल्लंघन रैली यह आयोजन में किया जाता है तो सरकार के द्वारा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी इस बात का विरोध करते हुए भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के द्वारा प्रदेश सरकार के इस निर्णय का कड़ा विरोध किया गया है।

रविवार को जिला भाजपा कार्यालय करबला रोड में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल मस्तूरी विधायक कृष्णमूर्ति बांधी बेलतला विधायक रजनीश सिंह सहित प्रदेश और जिला भाजपा के नेताओं ने प्रदेश सरकार के इस काले कानून का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में अघोषित आपातकाल लगा दिया है
जिसका भाजपा पुरजोर विरोध कर रही है जो आदेश प्रदेश सरकार ने निकाला है उसमें जारी नियम और शर्तों पर अगर अमल होगा तो फिर कोई भी रैली आयोजन नहीं किया जा सकेगा इस बात का विरोध दर्ज कराने के लिए 16 मई को भाजपा के द्वारा बिलासपुर में कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

हालांकि भारतीय जनता पार्टी के द्वारा 15 दिन का वक्त प्रदेश की कांग्रेस सरकार को इस आदेश को वापस लेने के लिए दिया गया है लेकिन अगर इसके बाद भी प्रदेश सरकार अपने इस आदेश पर कायम रहती है तो भाजपा 16 मई को उग्र आंदोलन करेगी और इसके लिए कोई अनुमति भी नहीं लेगी इसके लिए अगर उन्हें गिरफ्तारी भी देनी होगी तो सभी भाजपा कार्यकर्ता गिरफ्तारी भी देंगे लेकिन इस काले कानून का पालन नहीं करेंगे प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार चुनावी घोषणा पत्र में किए गए सभी वादों को भूल रही है जिन्हें भाजपा याद दिला रही है तो वही पूरी जनता प्रदेश सरकार के खिलाफ है चाहे वह किसान हो कर्मचारी हो या फिर आमजन सभी में प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष है जो आने वाले समय में सरकार को छत्तीसगढ़ में परास्त करेगी भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि कांग्रेस सरकार को हम हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों से खेलने नहीं देंगे और उन्हें यहां से वापस लेना ही होगा।

