बंगाली भवन में किया गया भव्य आयोजन पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल हुए शामिल
26 अक्टूबर 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] तोरवा स्थित बंगाली भवन में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ बंगाली समाज द्वारा माँ काली की पूजा का आयोजन किया गया है। इस पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार एक दिन पहले व खास दिवाली पर पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम और बांग्लादेश में काली पूजा की परंपरा है। दिवाली की रात खास कार्तिक माह की अमावस्या को यह पूजा की जाती है।
इसे श्यामा पूजा या महानिषि पूजा के नाम से भी जाना जाता है। भारत के अधिकांश हिस्सों में दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का महत्व है लेकिन पश्चिम बंगाल सहित ओडिशा,असम में माँ काली पूजा दिवाली की रात अमावस्या तिथि पर की जाती है। यहां पूजन का दृश्य बेहद अलौकिक होता है।
स्थनीय लोगों की मान्यता है कि अमावस्या तिथि पर मां काली की पूजा करने से डर या भय खत्म होता है। रोगों से मुक्ति मिती है एवं शत्रु का नाश होता है। तोरवा स्थित बंगाली भवन में काली पूजा का आयोजन बंगाली समाज के द्वारा बडे ही धूमधाम से किया गया।
तथा पूजन के बाद मां काली की आरती की जाती है तथा विषय रूप से केला गन्ना एवं रखिया की बलि दी जाती है, साथी ही 108 दीप प्रज्ज्वलित भी किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में शानदार धुनुची नृत्य भी किया गया। पूजन के बाद हवन की गई। भोग एवं प्रसाद वितरण किया गया। ततपश्चात श्यामा संगीत का आयोजन डॉ.एस.के मजूमदर पागल नाथ सिंह के द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल भाजपा जिला अध्यक्ष रामदेव कुमावत पूजन में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ बंगाली समाज के प्रदेश महासचिव पल्लव धर, पार्थो चक्रवर्ती, पूर्ति घर, नारायण चंद्र डे, कल्पना डे, अल्पना डे, प्रीति डे, अभिजीत दत्ता, शंभू नाथ दास, भाग्यलक्ष्मी, राखी गुहा, प्रोनोटि बसाक, अपराजिता पाल, अरुंधति, शुभेंदु धार, प्रोनोब बनर्जी, सोनू सरकार, हीराधर, विजय सहित बड़ी संख्या में समाज के बंधु श्रद्धालु गण उपस्थित थे।



