बृहस्पति बाजार में देश भर से पहुंचेंगे पदाधिकारी मध्यान्ह भोजन रसोइयों को 10 हज़ार रुपए मानदेय देने की मांग
02 दिसंबर 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] देशभर के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन बनाकर खिलाने वाले लगभग चालीस लाख रसोईया हैं। छत्तीसगढ़ में इनकी संख्या एक लाख 38 हज़ार है। पिछले 8 वर्षों से ये सभी रसोईया केंद्र सरकार से मानदेय बढ़ाए जाने की उम्मीद लगा कर बैठे हैं,मगर अब तक उन्हें राज्य सरकार के मानदेय को मिलाकर 15 सो रुपए से आगे एक रुपए नहीं दिया जा रहा है,जिसकी वजह से रसोइयों में सरकार को लेकर खासी नाराजगी है। ये बातें छ ग मध्यान्ह भोजन रसोइया कल्याण संघ की प्रदेश अध्यक्ष यशोदा साहू ने कही। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रसोइयों को उनका मानदेय दुगना करने की घोषणा की थी मगर भाजपा सरकार के आते ही मोदी सरकार ने पूर्व की घोषणा पर अमल नहीं किया। जिसकी वजह से आज भी रसोईया हजार डेढ़ हजार रुपए महीने में ही काम करने को मजबूर है।इसी परेशानी को लेकर छत्तीसगढ़ मध्यान भोजन रसोईया कल्याण संघ के तत्वाधान में 4 दिसंबर 2022 रविवार को बिलासपुर के बृहस्पति बाजार स्थित शहीद वीर नारायण सिंह श्रमिक प्रतीक्षालय में संघ का विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया है।
जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत, मतदाता जागृति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंद कुमार बघेल, छत्तीसगढ़ अपाक्स के प्रदेश अध्यक्ष एवं रसोईया संघ के संरक्षक क्रांति साहू, प्रांतीय संरक्षक अख्तर खान,कर्मचारी किसान मजदूर नेता श्याम मूरत कौशिक सहित अन्य अन्य राज्यों में चेन्नई से राष्ट्रीय अध्यक्ष के गणेशन, दिल्ली से हरि सिंह राठौर, मुंबई से सरिता नायक सहित अन्य पदाधिकारी इस सम्मेलन में शामिल होने पहुंच रहे हैं। यहां होने वाली बैठक में प्रमुख रूप से रसोइयों का मानदेय दस हज़ार रुपए किए जाने की मांग पर चर्चा की जाएगी। छत्तीसगढ़ के रसोइयों को वर्दी दिए जाने,10 महीने की बजाय पूरे 12 महीने का मानदेय और सभी स्कूलों में कार्यरत रसोइयों का पद स्कूल शिक्षा विभाग में नियमित कर नियुक्ति प्रदान किए जाने की मांग को लेकर चर्चा और उसके बाद सम्मेलन में निकलने वाले निष्कर्ष के साथ राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा।
बीते 1995 से स्कूलों में रसोईये काम कर रहे हैं जिन्हें हजार, बारह,पंद्रह सौ रुपए ही दिया जा रहा है। कई जगह पर सेंट्रल किचन लगाकर बच्चों के स्वास्थ्य और रसोइयों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी किया गया था जिसका विरोध करते हुए रसोईया संघ के लोगों ने काम को अपने हाथ में बरकरार रखा है। संघ ने ये भी आरोप लगाया कि कुछ कुछ जगह पर दूसरे राज्यों के लोग ठेका लेकर स्कूलों में खाना बनाने का काम कर रहे हैं जिसका विरोध रसोईया संघ द्वारा लगातार किया जा रहा है। रसोईया संघ ने बताया कि अगर उनकी मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो जनवरी में हर राज्य से रसोईया पैदल यात्रा करते हुए फरवरी में दिल्ली पहुंच कर केंद्र सरकार का घेराव करेंगे।



