आरक्षण पर कांग्रेस ने कैसे ठगा निजी चैनल की बहस के दौरान ओपी ने बताया
15 दिसंबर 2022
रायगढ़-{जनहित न्यूज़}
रायगढ़ आरक्षण को लेकर प्रदेश का सियासी पारा गर्म है दोनो ही पार्टियां एक दूसरे पर आरोपों के कीचड़ उछाल रही है l प्रदेश के निजी चैनल में आरक्षण को लेकर हुई बहस के दौरान कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील शुक्ला ने कहा कि भाजपा आरक्षण विधेयक को पास नही होने देना चाहती l इस मामले में भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस के तमाम आरोपों की पोल खोलते हुए आम जनमानस को तर्को के साथ बताया कि कांग्रेस ने आरक्षण के मामले को लेकर आदिवासियों सहित ओबीसी वर्ग को किस तरह ठगने का काम किया है l ओपी चौधरी ने समझाया भाजपा को सरकार के दौरान 32% आरक्षण था l इस मामले को कोर्ट तक ले जाने वाले लोगो को कांग्रेस की सरकार में पुरुस्कृत किया गया है l आरक्षण में कमी को लेकर कोर्ट में याचिका दायर करने वालो को पद देकर नवाजे जाने के मामले को ओपी ने कांग्रेस को कथनी करनी का भेद बताया l जब से कांग्रेस की सरकार बनी है तब से कांग्रेस आरक्षण को लेकर केवल राजनीति कर रही है l ओपी ने तथ्यों के जरिए बताया कि OBC आरक्षण के खिलाफ याचिका लगाने वाले व्यक्ति को कबीर शोध पीठ का अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस सरकार ने पुरस्कृत किया l एस् टी आरक्षण के खिलाफ याचिका लगाने वाले व्यक्ति को एस सी आयोग का अध्यक्ष बनाकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा कांग्रेस ने उपकृत किया l सन 2019 से पदोन्नति के मुद्दे पर ग्रहण कांग्रेस ने ही लगाया।इस बार भी पास किए गए विधेयक के खिलाफ पर्दे के पीछे से कांग्रेसियो द्वारा कोर्ट जाने की संभावना जताई l आरक्षण रोकने वालो को पुनः कांग्रेस सरकार पद देकर पुरस्कृत कर सकती है l
l कांग्रेस आरक्षण के नाम पर केवल राजनीति कर रही है। सरकार की कथनी करनी का भेद समझाते हुए ओपी ने कहा जिस दिन कोट में आरक्षण को बत्तीस से बीस प्रतिशत किया गया उस दिन सुप्रीम कोर्ट में करप्शन संबंधी एक प्रकरण में अभिषेक मनु सिंघवी कपिल सिब्बल जैसे महंगे वकील सरकार की पैरवी कर रहे थे l प्रदेश में आरक्षण के खिलाफ कोर्ट जाने वाले को न केवल पुरुस्कृत किया गया बल्कि जिरह के लिए अच्छे वकीलों की सेवाए नही ली गई l ओपी ने दावे के साथ कहा कि कांग्रेस आरक्षण के मुद्दे पर छल कर रही हैl भाजपा की सत्ता के दौरान इसी आरक्षण का लाभ आदिवासी वर्ग को मिलता रहा फिर कांग्रेस की सरकार आते ही ऐसा क्या हुआ जब आदिवासी आरक्षण के लाभ से वंचित हो गए l इसके लिए कांग्रेस सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए ओपी ने कहा आरक्षण के प्रतिशत को लेकर पहले ही कोर्ट को आपत्ति थी ऐसे में नए विधेयक के जानबूझकर ऐसे प्रावधान किए गए कि तकनीक विसंगतियों के चलते यह नया कानून ठहर ही न सके l सरकार को दो मुंहा बताते हुए ओपी चौधरी ने यह तर्क रखा कि जो लोग आदिवासियों के आरक्षण के खिलाफ जाने वाले लोगो को सरकार द्वारा पुरुस्कृत किए जाने से आम जनमानस में यह संदेश गया कि कांग्रेससरकार पर्दे के पीछे से आदिवासियों के साथ धोखा कर रही है I सरकार को नाकामी की वजह से आदिवासी समाज आरक्षण के लाभ से वंचित हो गए l सरकार की इस बड़ी चूक की वजह से प्रदेश के आदिवासी भाई बहन ओबीसी से जुड़े युवा प्रभावित हुए है l इसकी जिम्मेदार कांग्रेस सरकार है l

