जनहित के लिए किए गए प्रयासों में एक बार फिर अव्वल साबित हुए…विधायक पांडेय के सौभाग्य में लिखी है एम्स स्थापना
05 मार्च 2023
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} (मनोज राज )
बिलासपुर। कहते हैं कि वक्त से पहले, किस्मत से ज्यादा किसी को मिला है न किसी को मिलेगा। बिलासपुर की सियासी तारीख़ में विधायक शैलेश पांडे सुनहरे हर्फ़ में दर्ज हो गए। सिम्स की व्यवस्था से त्रस्त बिलासपुर और सरगुजा संभाग की पीड़ित मानवता की सेवा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसे विश्व स्तरीय चिकित्सा संस्थान की स्थापना का प्रयास शैलेश पांडे के सौभाग्य में लिखा है। तभी तो इतने सांसदों, राज्यसभा सांसदों के रहते हुए विधायक शैलेश पांडे ने बिलासपुर में एम्स के लिए पहल की। परम संतोष का विषय है कि विधायक शैलेश पांडे की पहल पर विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने समर्थन किया। यह उनकी संवेदनशीलता के साथ राजनीतिक विवशता भी है। बिलासपुर और सरगुजा संभाग ने छत्तीसगढ़ को बहुत से दिग्गज नेता दिए हैं। राज्य गठन के बाद के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ गठन के समय दिलीपसिंह जूदेव अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्यमंत्री थे। छत्तीसगढ़ राज्य को राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल के रूप में पहला विधानसभा अध्यक्ष बिलासपुर संभाग से मिला। यहां से भाजपा ने भी धरमलाल कौशिक को स्पीकर बनाया। वर्तमान स्पीकर चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल बिलासपुर संभाग से हैं तो मौजूदा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव बिलासपुर सांसद हैं। सरगुजा संभाग मोदी सरकार में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहा है। रेणुका सिंह केंद्र में मंत्री हैं। इनके साथ रायगढ़ सांसद, बिलासपुर सांसद, कोरबा सांसद सहित छत्तीसगढ़ के सभी 11 लोकसभा सदस्यों के साथ छत्तीसगढ़ के सभी राज्यसभा सदस्यों की भी अब जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने स्तर पर शैलेश पांडे की पहल को आगे बढ़ाएं और छत्तीसगढ़ राज्य को दूसरा एम्स दिलाकर बिलासपुर सरगुजा संभाग के साथ ही अन्य लगे हुए इलाकों की जनता को स्तरीय उपचार उपलब्ध कराएं। बिलासपुर एम्स की स्थापना से मध्यप्रदेश के शहडोल, कटनी, जबलपुर तक के मरीजों को भी राहत मिलेगी। रायगढ़, जशपुर से लगे झारखंड के मरीज लाभान्वित होंगे। बहुत बड़ा दायरा यह कवर कर सकता है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे ने लोक स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से प्रश्न किया था कि बिलासपुर में एम्स हॉस्पिटल की स्थापना कराने के लिए राज्य शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है। इस पर लोक स्वास्थ्य मंत्री ने अपने जवाब में बताया है कि बिलासपुर में एम्स हॉस्पिटल की स्थापना कराने के लिए राज्य शासन द्वारा अर्ध शासकीय पत्र मंत्री भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली को लिखा गया है लेकिन अभी इसका जवाब नहीं आया है। इस पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, धरम लाल कौशिक, धर्मजीत सिंह तथा अजय चंद्राकर ने बिलासपुर में एम्स हॉस्पिटल की स्थापना के समर्थन में अपने विचार व्यक्त किए हैं। भाजपा द्वारा यहां समर्थन दिया गया। अच्छी बात है लेकिन केंद्र में भाजपा की सरकार है। रेणुका सिंह छत्तीसगढ़ से इकलौती मंत्री हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव बिलासपुर सांसद हैं तो उनके साथ ही सभी भाजपा सांसदों को बिलासपुर एम्स का मार्ग प्रशस्त करने प्रयास अपेक्षित हैं। बल्कि शैलेश पांडे की पहल को अंजाम देने छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों को दलीय भावना से परे जनता के हित में एक साथ प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलना चाहिए। कभी जनता के लिए राजनीतिक झिझक का परित्याग कर देना ही बेहतर है क्योंकि सभी जनसेवा का संकल्प लेकर राजनीति में उतरे हैं। बात विधानसभा में बिलासपुर एम्स के संदर्भ में विधायक शैलेश पांडे की पहल की है तो इस पर लोक स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव बता चुके हैं कि बिलासपुर संभाग में 24 विधायक हैं। रायपुर एम्स में दूर-दूर से मरीज आते हैं। अभी राज्यों में एक एम्स है। कई राज्यों में अब भी एम्स नहीं है। छत्तीसगढ़ में एक एम्स रायपुर में है। दो एम्स भी हो सकते हैं तो इसके लिए पत्र लिखा गया है।
वे बता चुके हैं कि शैलेश पांडे ने बिलासपुर में एम्स स्थापना के लिए पत्र लिखने कहा था। यह राज्य का विषय है। मुख्यमंत्री से भी बात की। छत्तीसगढ़ में 5 संभाग हैं। दुर्ग संभाग रायपुर के पास है। यदि राज्य में 2 एम्स हॉस्पिटल मंजूर किए जाएंगे तो दूसरे एम्स हॉस्पिटल के लिए बिलासपुर को प्राथमिकता दी जाएगी। अब यहां एक बात यह भी है कि बस्तर संभाग मुख्यालय में डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में केंद्र सरकार सुविधाओं का विकास कर रही है। बचे दो संभाग तो बिलासपुर में एम्स स्थापना से दोनों संभाग के साथ साथ अन्य स्थानों के लोगों को भी चिकित्सा उपलब्ध हो सकती है। शैलेश पांडे ने केवल बिलासपुर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के साथ ही पड़ौसी राज्यों की जनता के हित में पहल की है। अतीत में जैसे बिलासपुर रेलवे जोन के लिए जागरूकता दिखाई गई थी।
विधानसभा में बिलासपुर एम्स के संदर्भ में विधायक शैलेश पांडे की पहल
जनता उम्मीद कर रही है कि वैसी ही संवेदनशीलता बिलासपुर एम्स के लिए हिलोरें मारेगी। बहरहाल, शैलेश पांडे बेहतर इलाज के लिए तड़प रही मानवता के लिए उम्मीद लेकर आये हैं। क्या भरोसा करें कि सबका साथ, सबका विकास का सिद्धांत बिलासपुर में एम्स की जरूरत के मामले में धरातल पर दिखाई देगा?


