पुनर्मतगणना की मांग पर हिंसा पथराव और तोड़फोड़…3 पुलिसकर्मी हुए घायल…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} सरकंडा क्षेत्र के ग्राम लगरा में चुनावी माहौल हिंसक झड़पों में तब्दील हो गया। गुरुवार रात मतगणना के बाद पुनर्मतगणना की मांग कर रहे प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने बवाल खड़ा कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला कर दिया गया। भीड़ ने जमकर पथराव किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं।
कैसे भड़की हिंसा…?
ग्राम पंचायत लगरा में गुरुवार को दूसरे चरण के मतदान के बाद मतगणना की गई। लेकिन जब नतीजे प्रत्याशियों के पक्ष में नहीं आए तो हार से आक्रोशित प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अधिकारियों से पुनर्मतगणना की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। जब अधिकारियों ने उनकी मांग को ठुकरा दिया, तो हालात बेकाबू हो गए।
भीड़ ने पहले मतदान स्थल पर हमला किया और फिर मतदान दल को बंधक बना लिया। इसके बाद पुलिस टीम पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया गया। हिंसा में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।
गाँव में पुलिस का सख्त पहरा, कई गिरफ्तार
हिंसा के बाद पूरे गाँव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस ने 14 नामजद समेत 100 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। ग्रामीणों की धरपकड़ के लिए लगरा को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है।
चुनावी हिंसा पर प्रशासन पर उठे सवाल
लगरा की इस हिंसा ने एक बार फिर चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। जब तीन चरणों के चुनाव में हालात काबू में नहीं आ रहे तो पूरे देश में एक साथ चुनाव (वन नेशन, वन इलेक्शन) कराना कितना बड़ा खतरा साबित हो सकता है? यह एक गंभीर सवाल बनकर उभरा है।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की धरपकड़ जारी है। लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया है कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व कम और हिंसक अखाड़ा ज्यादा बनता जा रहा है।

