स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में 5 वर्ष मासूम बच्ची की निर्मम हत्या का हुआ खुलासा…आरोपी उसी क्षेत्र का निकला वो भी नाबालिक…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर शहर के स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में 5 वर्षीय मासूम बालिका की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 3 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या का आरोपी भी एक नाबालिग बालक ही निकला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) ने तत्परता दिखाते हुए अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच के निर्देश दिए। थाना सरकंडा और एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त कार्रवाई से यह सनसनीखेज मामला सुलझाया गया।
मिली जानकारी अनुसार 24 फरवरी की शाम करीब 07:00 बजे 5 वर्षीय बालिका अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। परिवार ने उसे काफी तलाशा, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। 25 फरवरी की सुबह, स्वर्णिम ईरा कॉलोनी के निर्माणाधीन मकान नंबर 80 में उसका शव बरामद हुआ।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड समेत विशेषज्ञ टीम को जांच के लिए निर्देशित किया।
कैसे सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी?
पुलिस को जांच के दौरान यह आभास हुआ कि यह वारदात बाहरी व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी व्यक्ति का ही हो सकता है।
5 टीमों का गठन किया गया, जिसमें
3 टीमों ने मजदूरों और उनके बच्चों से पूछताछ की
1 टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले
1 टीम ने कॉलोनी में मौजूद संदिग्धों की निगरानी की जांच के दौरान 9 संदिग्धों को चिन्हित किया गया, जिनके शरीर पर खरोंच और चोट के निशान थे।
सीसीटीवी फुटेज में मृतिका को एक नाबालिग बालक के साथ घटना स्थल की ओर जाते देखा गया।
जब पुलिस ने संदिग्ध नाबालिग से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपराध कबूल कर लिया।

आरोपी नाबालिग, बाल कल्याण अधिनियम के तहत कार्रवाई चूंकि आरोपी भी नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने बाल कल्याण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया।
इस पूरे प्रकरण को सुलझाने में थाना सरकंडा और एसीसीयू बिलासपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस जघन्य अपराध का खुलासा हो सका।

