डिप्टी कलेक्टर ने दिया आश्वासन, ज्ञापन को संबंधित विभागों तक पहुंचाने की बात कही…
बौद्ध समाज और विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर उठाई आवाज..महेश चंद्रिकापुरे ने जताया आभार-◆
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] 07 मार्च 2025 बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति अधिनियम 1949 (BTMC Act-1949) को निरस्त कर बोधगया मंदिर का संपूर्ण प्रबंधन बौद्ध समाज को सौंपने की मांग को लेकर भारतीय बौद्ध महासभा और विभिन्न बौद्ध संगठनों ने जिलाधीश बिलासपुर के माध्यम से बिहार के महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय बिलासपुर में भारतीय बौद्ध महासभा के नेशनल ऑर्गनाइजर एवं बैंगलोर कर्नाटक प्रभारी एच.सी. दाहाट और महासभा के प्रांतीय संयोजक महेश चंद्रिकापुरे के नेतृत्व में यह ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर नितिन तिवारी को सौंपा गया। इस दौरान बौद्ध समाज बिलासपुर, डॉ. आंबेडकर युवा मंच, महिला विंग समिति, महिला सशक्तिकरण संघ, ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम, बुद्धयान सोसाइटी सहित कई संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
क्या है मांग?
ज्ञापन में कहा गया कि बोधगया मंदिर तथागत बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति का पवित्र स्थल है, जो विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों के लिए आस्था का केंद्र है। वर्तमान में मंदिर का प्रबंधन 9 सदस्यीय बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) द्वारा किया जाता है, जिसमें 4 सदस्य हिंदू धर्मावलंबी होते हैं, जबकि 4 बौद्ध मतावलंबी होते हैं और अध्यक्ष भी गैर-बौद्ध ही होता है।
ज्ञापनकर्ताओं का कहना है कि मंदिर पूर्णतः बौद्धों का पवित्र स्थल है, ऐसे में इसमें गैर-बौद्ध सदस्यों की उपस्थिति अनुचित और अधार्मिक है। साथ ही, गैर-बौद्ध पुजारियों द्वारा वहां किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठान बौद्ध धर्मावलंबियों की भावनाओं को आहत करते हैं, जिससे भारत की वैश्विक छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
संविधान का हवाला देते हुए उठाई मांग
ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि धार्मिक स्वतंत्रता प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। अनुच्छेद 26 के तहत हर धर्म को अपने पूजा स्थलों के प्रबंधन का अधिकार है। इसलिए, BTMC में गैर-बौद्धों की नियुक्ति न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह बौद्धों के मौलिक अधिकारों का भी हनन है।
इसलिए, बिहार सरकार से यह मांग की गई कि BTMC Act-1949 को तुरंत निरस्त किया जाए और बोधगया मंदिर का संपूर्ण प्रबंधन केवल बौद्ध समाज को सौंपा जाए।

डिप्टी कलेक्टर ने दिया आश्वासन
डिप्टी कलेक्टर नितिन तिवारी ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक दस्तावेज और मांगें संबंधित विभागों और कार्यालयों तक पहुंचा दी जाएंगी।

इस अवसर पर महेश चंद्रिकापुरे, राजेश हुमने, एस.आर. वाल्के, मधुकर वासनीक, सूर्यकांत भालाधरे, मनोज बौद्ध, विनोद बौद्ध, संतोष बौद्ध, महिपाल सिंह बौद्ध, तरुणा नागले, अजय नागले, कुंदन मेश्राम, प्रकृति बौद्ध, राजा नांदेश्वर, अनिता देवगडे, वंदना भांगे, चेतना तम्हाने सहित बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के लोग मौजूद रहे।

संरक्षक महेश चंद्रिकापुरे ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में भारतीय बौद्ध महासभा के छत्तीसगढ़ प्रांतीय संयोजक एवं बौद्ध समाज बिलासपुर के संरक्षक महेश चंद्रिकापुरे ने सभी संगठनों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।

