भारतीय सिंधु सभा महिला विंग के भव्य आयोजन से महिला सशक्तिकरण को मिला बढ़ावा-●
बिलासपुर-{जनहित न्यूज} अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय सिंधु सभा पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत महिला शाखा द्वारा होटल आनंदा में भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत ईष्ट देव झूलेलाल जी के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण से हुई। इसके पश्चात राजकुमारी मेहानी एवं पुष्पा मोटवानी द्वारा संगठन गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम में आध्यात्मिक और प्रेरणादायक ऊर्जा का संचार किया।

महिलाओं ने राजनीति में बढ़ती सहभागिता…
आज महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की राजनीति की डोर भी संभाल रही हैं। इस कार्यक्रम में उन महिलाओं का सम्मान किया गया, जो राजनीति में सक्रिय हैं और समाज के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में पीएचडी डिग्री धारक महिलाओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा
कार्यक्रम के दौरान दीपिका, तृषा, नेहा, सिया, विनीता और ऋतु ने शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा, एक भावनात्मक एक्ट के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया, जिसने दर्शकों को प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि नवनिर्वाचित महापौर पूजा विधानी का सम्मान
इस समारोह की मुख्य अतिथि नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती पूजा विधानी रही, जिनका शाल, श्रीफल और सम्मान पत्र देकर अभिनंदन किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा,
“राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज का विकास तेज होगा और देश को एक नई दिशा मिलेगी। महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और हर क्षेत्र में आगे बढ़ें।”
उल्लेखनीय अतिथियों का सम्मान कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथियों को भी सम्मानित किया गया।

जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. लतिका भाटिया बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी धारक एवं अटल बिहारी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डॉ. प्रिंसी मतलानी गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर पूर्व पार्षद श्रीमती कौशल्या तीर्थानी, निमिषा गिडवानी, सीमा दुसेजा पार्षद कंचन वाधवानी एवं बिल्हा की पार्षद तारा रामानी इन सभी महिलाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए शाल, श्रीफल एवं सम्मान पत्र भेंट किए गए।

महिला सशक्तिकरण पर प्रेरणादायक संदेश…
भारतीय सिंधु सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती विनीता भावनानी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा,
“आत्मसम्मान का अर्थ है, यदि हमारे आसपास कोई गलत कार्य हो रहा है, तो उसका विरोध करना।

आत्मनिर्भरता का मतलब केवल नौकरी करना नहीं, बल्कि अपने काम खुद करना और नई चीजें सीखकर अपने जीवन को आसान बनाना है। आत्मविश्वास हमें शिक्षा और ज्ञान से मिलता है, इसलिए हर महिला को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए।”

कार्यक्रम का कुशल संचालन
इस शानदार कार्यक्रम का संचालन पलक विधानी और ट्विंकल आडवाणी ने किया, जिन्होंने अपनी प्रस्तुति से पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया।

सम्मानित उपस्थित गणमान्य सदस्य..
इस अवसर पर भारतीय सिंधु सभा की अध्यक्ष गरिमा शाहनी, सेंट्रल पंचायत की अध्यक्ष कविता मंगवानी तथा अन्य प्रतिष्ठित सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से कंचन मलघानी, सोनी बहरानी, भारती सचदेव, प्राची भगतानी, मोनिका सिदारा, अन्नू आहूजा, माया मंगवानी, दीपा टहिल्यानी, किरण रामचंदानी, निशा चांदवानी, भारती जेठमलानी, रेखा आहूजा और रेशमा मोटवानी शामिल थीं।

यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। राजनीति से लेकर शिक्षा, कला और समाज सेवा तक हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी पहचान बनाई है। यह कार्यक्रम महिला शक्ति का एक जीवंत उदाहरण बना, जो समाज को प्रेरणा देता रहेगा।

