विनायक नेत्रालय ने इस वर्ष भी अपनी शानदार होली परंपरा को रखा जीवंत वर्षों से चली आ रही परंपरा बखूबी निभाई-◆
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} होली भारत का एक ऐसा पर्व है जो रंगों, खुशियों और भाईचारे का संदेश देता है। जब बात होली की आती है, तो हर कोई इसे पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाने को तैयार रहता है। इसी कड़ी में विनायक नेत्रालय ने इस वर्ष भी अपनी शानदार होली परंपरा को जीवंत रखा। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत, अस्पताल के पूरे स्टाफ ने एक परिवार की तरह मिलकर होली का जश्न मनाया। पारिवारिक माहौल में रंगों की बौछार विनायक नेत्रालय में हर साल होली का आयोजन एक पारिवारिक उत्सव की तरह किया जाता है।

यहां डॉक्टरों से लेकर सभी कर्मचारी मिलकर इस पर्व को मनाते हैं, जिससे अस्पताल के अंदर आपसी प्रेम और सहयोग की भावना और मजबूत होती है। इस बार भी स्टाफ ने पूरे जोश के साथ रंगों और संगीत का आनंद लिया, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया।
डॉ. ललित मखीजा: समाज सेवा के प्रतीक
विनायक नेत्रालय के डायरेक्टर डॉ. ललित मखीजा न केवल एक कुशल नेत्र विशेषज्ञ हैं, बल्कि एक महान समाजसेवी भी हैं। बिलासपुर में उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में है, जो सदैव सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं। गरीबों की मदद करना, जरूरतमंदों की सेवा करना और धार्मिक आस्थाओं से जुड़े रहना उनकी जीवनशैली का हिस्सा है। उनके नेतृत्व में विनायक नेत्रालय केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि एक सेवा संस्थान बन चुका है। सद्भावना और भाईचारे का संदेश
विनायक नेत्रालय में मनाई जाने वाली होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सद्भाव, एकता और आपसी प्रेम का प्रतीक भी है। यहां हर धर्म और हर समुदाय के लोग एक साथ मिलकर इस पर्व का आनंद लेते हैं, जो भारत की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा इस आयोजन ने दिखाया कि कार्यस्थल पर भी एकता और सौहार्द का माहौल बनाना कितना आवश्यक है। डॉक्टर से लेकर नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी, सभी ने एक साथ मिलकर यह संदेश दिया कि अगर सभी लोग आपसी प्रेम और समर्पण के साथ काम करें, तो हर मुश्किल आसान हो सकती है। डॉ. ललित मखीजा और उनके पूरे स्टाफ ने इस वर्ष भी होली को एक नया रूप देकर यह सिद्ध कर दिया कि विनायक नेत्रालय सिर्फ आंखों की रोशनी देने वाला अस्पताल नहीं, बल्कि समाज में उजियारा फैलाने वाला एक अद्भुत परिवार भी है।

