आयोजन में देश की प्रसिद्ध कथा वाचक चित्रलेखा देवी प्रति दिन होंगी शामिल…
बृज रस संवाद एवं संतो का होगा अनूठा समागम●●●
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}बिलासपुर धर्म और आस्था से ओत-प्रोत तीन दिवसीय बृज रस संवाद एवं संत समागम का भव्य आयोजन सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर, चकरभाठा में 16 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इस आयोजन में देश की प्रसिद्ध कथा वाचक चित्रलेखा देवी प्रतिदिन प्रवचन करेंगी और श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भक्ति की गहराइयों से परिचित कराएंगी।
आयोजन में शामिल होने के लिए चित्रलेखा देवी आज चकरभाठा स्थित सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने सद्गुरु साईं लाल दास साहेब से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद बोदरी की अध्यक्ष नीलम विजय वर्मा, पार्षद विजय वर्मा, कृष्ण कुमार कौशिक, भावना आशीष खत्री, श्याम आर्य, डिंपल दीपक जगवानी, संतोष चंद्राकर, रवि खत्री, कमल पमनानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चित्रलेखा देवी का भव्य स्वागत किया।

तीन दिवसीय भव्य आयोजन का कार्यक्रम
सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भक्ति, आध्यात्म और संत विचारों का संगम होगा।
पहला दिन 16 मार्च सुबह 9:00 बजे आरती एवं ध्वज वंदन…
सुबह 10:00 बजे से हवन का आयोजन।
दोपहर 1:00 बजे से भंडारा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
शाम 4:00 बजे से कथा वाचन, जिसमें चित्रलेखा देवी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रवचन देंगी।
रात 9:00 बजे से संत महात्माओं का सत्संग एवं पूज्य बहुराणा साहब की महा आरती।
दूसरा दिन-17 मार्च.. पूरे दिन आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी।
श्रद्धालु कथा, सत्संग एवं भंडारे का आनंद लेंगे…अंतिम दिन -18 मार्च…
दोपहर 2:00 बजे से कन्या भोज का आयोजन। कथा वाचन, सत्संग एवं प्रवचन के साथ यह आयोजन पूर्ण होगा।

श्रद्धालुओं में उत्साह, धर्म और भक्ति का महापर्व बृज रस संवाद एवं संत समागम का यह आयोजन न केवल धार्मिक जागरूकता फैलाने का कार्य करेगा, बल्कि यह लोगों को प्रेम, भक्ति और सत्संग के महत्व से भी अवगत कराएगा। चित्रलेखा देवी के प्रवचनों से श्रद्धालु श्रीकृष्ण भक्ति की मधुरता को महसूस करेंगे।
धर्म और सेवा का अद्भुत संगम
सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भंडारा, कन्या भोज, हवन और महाआरती जैसे धार्मिक अनुष्ठान समाज में सेवा और समर्पण की भावना को भी जागृत करेंगे।
इस अनूठे आयोजन में शामिल होकर श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करेंगे और भक्ति के रंग में रंगे चकरभाठा का यह अनुष्ठान धर्म और आस्था के उजियारे से जगमगाएगा।

