तीन दिवसीय बृज रस संवाद और संत समागम का हुआ भव्य समापन…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} चकरभाठा में धर्म, भक्ति और आध्यात्म से ओत-प्रोत तीन दिवसीय बृज रस संवाद एवं संत समागम का भव्य आयोजन सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर, चकरभाठा में 16 मार्च से 18 मार्च तक संपन्न हुआ।

देश की सुप्रसिद्ध कथा वाचक चित्रलेखा देवी ने प्रतिदिन अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भक्ति, आध्यात्म और धर्म की गहराइयों से अवगत कराया। आस्था का महासंगम: श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब! तीन दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की, जहां भक्ति, प्रवचन, हवन, भंडारा, कन्या भोज और महाआरती का विशेष आयोजन किया गया। श्रद्धालु श्रीकृष्ण भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद में डूबे रहे।

आयोजन की झलकियां
पहला दिन: 16 मार्च सुबह 9:00 बजे: भव्य आरती एवं ध्वज वंदन से शुभारंभ
सुबह 10:00 बजे: हवन अनुष्ठान
दोपहर 1:00 बजे: भंडारा, हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया
शाम 4:00 बजे: चित्रलेखा देवी का दिव्य प्रवचन रात 9:00 बजे: संत महात्माओं का सत्संग और पूज्य बहुराणा साहब की महाआरती दूसरा दिन: 17 मार्च पूरे दिन कथा, सत्संग और भंडारे का आयोजन जारी रहा श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्म का रसपान किया।
समापन दिवस: 18 मार्च दोपहर 2:00 बजे: कन्या भोज का आयोजन शाम 4:00 बजे: अंतिम दिव्य प्रवचन और सत्संग
रात को महाआरती के साथ समापन
चित्रलेखा देवी ने बांधा भक्ति का समां।

प्रसिद्ध कथा वाचक चित्रलेखा देवी ने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भक्ति और आध्यात्म का महत्व समझाया। उन्होंने सद्गुरु साईं लाल दास साहेब से आशीर्वाद प्राप्त कर सभी को सत्कर्म और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

नगर पालिका परिषद के गणमान्य शामिल
इस आयोजन में नगर पालिका परिषद बोदरी की अध्यक्ष नीलम विजय वर्मा, पार्षद विजय वर्मा, कृष्ण कुमार कौशिक, भावना आशीष खत्री, श्याम आर्य, डिंपल दीपक जगवानी, संतोष चंद्राकर, रवि खत्री, कमल पमनानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तित्वों ने भाग लिया और भक्ति में लीन होकर संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।

भक्ति, सेवा और सत्संग का अद्भुत संगम!
सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने धर्म, सेवा और समर्पण की भावना को जागृत किया। भंडारा, कन्या भोज, हवन और महाआरती जैसे धार्मिक अनुष्ठानों ने श्रद्धालुओं के मन को छू लिया।
श्रद्धालुओं में गूंजा ‘राधे-राधे’, चकरभाठा हुआ भक्तिमय!
तीन दिन तक भक्ति, संतों के प्रवचन और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के चलते चकरभाठा का माहौल भक्तिमय हो गया। श्रीकृष्ण भक्ति की रसधारा में बही भीड़ ने आयोजन की भव्यता को ऐतिहासिक बना दिया।

