नक्सल ऑपरेशन से आतंकवादियों की गिरफ्तारी तक निभाई अहम भूमिका…
IPS रजनेश सिंह अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सरकार ने जारी किया आदेश
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के तेजतर्रार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी रजनेश सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। 01 जनवरी 2025 से यह पदोन्नति प्रभावी मानी जाएगी। अपराध नियंत्रण से लेकर नक्सल मोर्चे और आतंकवाद विरोधी अभियानों तक उनके नेतृत्व में कई बड़े ऑपरेशन सफल हुए हैं।
बिलासपुर में अपराधियों पर कसा शिकंजा, बनाई कड़ी मिसाल बिलासपुर में एसपी रहते हुए रजनेश सिंह ने जिस तरह अपराध पर नियंत्रण किया, वह पूरे राज्य में मिसाल बन गया। संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए उन्होंने अपराधियों की संपत्ति को जब्त करने और राजसात करने की रणनीति अपनाई, जिससे अपराध जगत में हड़कंप मच गया।

अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की बनाई रणनीति…!
अपराध पर प्रभावी रोकथाम के लिए उन्होंने सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त कर उनके नेटवर्क को तोड़ने का ऐतिहासिक कदम उठाया। इस रणनीति से न केवल अपराध दर घटी, बल्कि अपराधियों का मनोबल भी टूट गया।
अपराध नियंत्रण के नए मॉडल को मिली सफलता: उनकी प्रभावी पुलिसिंग ने बिलासपुर को संगठित अपराध मुक्त जिला बनाने की दिशा में एक मजबूत नींव रखी। स्थानीय प्रशासन और जनता ने उनकी कार्यशैली को सराहा और उनका यह मॉडल पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना।
पदोन्नति में तकनीकी त्रुटि, सरकार ने किया संशोधित आदेश जारी गृह (पुलिस) विभाग ने हाल ही में 13 वर्षों की सेवा पूरी करने वाले 8 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति दी थी, लेकिन तकनीकी त्रुटि के कारण 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनेश सिंह का नाम सूची में नहीं आ पाया।
सरकार ने की बड़ी सुधारात्मक पहल:
इस गलती को सुधारते हुए 18 मार्च 2025 को संशोधित आदेश जारी किया गया और उन्हें चयन श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) में पदोन्नति प्रदान की गई।
नए वेतनमान के तहत मिलेगा बड़ा लाभ:
उनका वेतनमान Rs 1,23,100 – Rs 2,15,900 के स्तर पर स्वीकृत किया गया है। इस आदेश को गृह (पुलिस) विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता द्वारा जारी किया गया।
राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित, करियर उपलब्धियों की लंबी सूची
1997: राज्य पुलिस सेवा में डीएसपी पद पर चयन
2012: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल
2017: राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित
बस्तर, रायपुर, धमतरी, नारायणपुर, बिलासपुर में सेवा दी।
रजनेश सिंह ने रायपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में भी काम किया है, जहां उन्होंने अपराध नियंत्रण की मजबूत रणनीतियां अपनाईं। इसके अलावा, उन्होंने धमतरी, नारायणपुर और बिलासपुर में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को निभाया।
नक्सल विरोधी अभियानों में निभाई निर्णायक भूमिका छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती के दौरान, रजनेश सिंह ने कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया और नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की।
बस्तर में कई सफल ऑपरेशन:
उन्होंने नक्सली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इंटेलिजेंस-
आधारित ऑपरेशन को बढ़ावा दिया, जिससे कई मोर्चों पर सफलता मिली।
आतंकवाद विरोधी अभियान में बड़ी भूमिका:
एटीएस (ATS) में अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने पटना-बोधगया ब्लास्ट के आतंकवादियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई। भ्रष्टाचार पर प्रहार:
एसीबी (ACB) में रहते हुए उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया, जिससे उनकी
एक सख्त, निडर और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में बनी छवि…एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, “रजनेश सिंह की पदोन्नति उनके समर्पण, अद्वितीय नेतृत्व और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी कार्यक्षमता का प्रमाण है। अपराध और नक्सलवाद पर उनकी सख्त पकड़ ने उन्हें एक निडर और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में स्थापित किया है।”
छत्तीसगढ़ को मिला एक और मजबूत नेतृत्व
रजनेश सिंह की इस पदोन्नति से न केवल छत्तीसगढ़ पुलिस को एक और मजबूत नेतृत्व मिला है, बल्कि अपराध, नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ राज्य की लड़ाई को और अधिक मजबूती मिलेगी। उनकी अगुवाई में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और भी बेहतर होने की उम्मीद है’ वही अपराध जगत में जो आज भय व्याप्त है उनके रहते ये कायम रहेगा।
देखिए आदेश….


