‘आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम में 48 मामलों पर हुई सुनवाई 35 मामलों का त्वरित किया गया निराकरण…
सखी वन स्टॉप सेंटर, बालिका गृह, कामकाजी महिला हॉस्टल और वृद्धाश्रम का किया निरीक्षण…
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ममता कुमारी ने आज ‘आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत महिलाओं की शिकायतों की जनसुनवाई की। इस दौरान कुल 48 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें से 35 मामलों का तत्काल समाधान किया गया। शेष लंबित मामलों के निराकरण के लिए पुलिस अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया।

श्रीमती ममता कुमारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन को महिलाओं से जुड़े मामलों में अधिक संवेदनशील और तत्पर रहना चाहिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और एडीएम आर. ए. कुरूवंशी भी उपस्थित रहे।

पांच जिलों से आई शिकायतें, सुनवाई में त्वरित कार्रवाई
पुलिस लाइन के चेतना हॉल में आयोजित जनसुनवाई में जांजगीर, कोरबा, बिलासपुर, मुंगेली समेत पांच जिलों की शिकायतें सुनी गईं। श्रीमती ममता कुमारी ने विभिन्न प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामलों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि महिलाओं के मामलों को प्राथमिकता देकर संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस अधिकारी गंभीरता से जांच और कार्यवाही करें, तो कई मामले आयोग तक पहुंचने से पहले ही हल हो सकते हैं। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर लंबित मामलों का निपटारा करें।

घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के मामलों पर विशेष ध्यान
प्रेसवार्ता में श्रीमती ममता कुमारी ने बताया कि घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना समेत कई गंभीर मामलों पर आयोग विशेष ध्यान दे रहा है। ‘आयोग आपके द्वार’ पहल के तहत देशभर में विभिन्न राज्यों में संभागीय स्तर पर सुनवाई आयोजित की जा रही है, ताकि महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान कर रहा है, जिससे उन्हें जल्द से जल्द राहत मिल रही है।
महिला सुरक्षा केंद्रों का निरीक्षण और आवश्यक निर्देश राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने महिला हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर, बालिका गृह, कामकाजी महिला हॉस्टल और वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती सरला केसरिया, राष्ट्रीय महिला आयोग की साइकोलॉजिस्ट सुश्री सलोनी प्रभाकर, कानूनी सलाहकार साहिल कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, पुलिस अधिकारी और वकील उपस्थित रहे।
महिला सुरक्षा और न्याय की दिशा में यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

