एएसपी ट्रैफिक ने खुद की पायलटिंग
केवल कुछ ही मिनटों में मध्यनगरी से एंबुलेंस को पहुंचाया चकरभाटा एयरपोर्ट…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश की है। शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती गंभीर अवस्था में जन्मे जुड़वां प्रीमैच्योर बच्चों को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद ले जाने हेतु बिलासपुर पुलिस ने हायर सेंटर तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया – और समय से पहले, बिना किसी बाधा के उन्हें एयरपोर्ट पहुंचा दिया।

एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर बना ग्रीन कॉरिडोर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश में यातायात विभाग ने केवल कुछ ही मिनटों में शहर के मध्यनगरी अस्पताल से चकरभाठा एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर दिया। इस पूरे रास्ते में ट्रैफिक को पूरी तरह नियंत्रित करते हुए ‘नो मैन, नो व्हीकल’ ज़ोन बनाया गया।
हर चौराहा बना सुरक्षा कवच
दोपहर करीब 12:30 बजे जैसे ही एंबुलेंस रवाना हुई, पूरे शहर की ट्रैफिक टीम अलर्ट मोड में थी। हर चौराहे पर जवान तैनात रहे और आम नागरिकों ने भी सहयोग की मिसाल पेश की, रास्ता देकर समय से पहले नन्हीं जिंदगियों को हवाई एंबुलेंस तक पहुंचाया गया।

एएसपी ट्रैफिक ने खुद की पायलटिंग
एएसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे खुद पूरे रास्ते एंबुलेंस की पायलटिंग करते रहे। उनके नेतृत्व में पूरी टीम ने ये सुनिश्चित किया कि जुड़वा बच्चों को बिना किसी व्यवधान के चकरभाठा एयरपोर्ट तक पहुंचाया जाए, जहां पहले से मौजूद एयर एंबुलेंस उन्हें लेकर हैदराबाद रवाना हुई।
संवेदनशीलता की मिसाल बना शहर
इस सराहनीय कार्य में बिलासपुर पुलिस की तत्परता और नागरिकों की जागरूकता ने मिलकर यह दिखाया कि जब बात ज़िंदगियों की हो, तो पूरा शहर एकजुट होकर इंसानियत को प्राथमिकता देता है।

बिलासपुर पुलिस की दुआ “जल्द स्वस्थ हों नन्हें फरिश्ते”
इस सफल ऑपरेशन के बाद बिलासपुर पुलिस की ओर से दोनों बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है। शहर एक बार फिर गर्व से कह सकता है – “यहां पुलिस सिर्फ कानून नहीं, दिल भी संभालती है।”

