एसएसपी रजनेश सिंह व कलेक्टर संजय अग्रवाल के नेतृत्व में आपात स्तिथियों से निपटने किया गया अभ्यास…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर में दूसरे दिन की मॉक ड्रिल ने सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों, आपसी समन्वय और आम नागरिकों की भागीदारी की एक प्रभावशाली तस्वीर पेश की। मैग्नेटो मॉल और हाईटेक बस स्टैंड पर आयोजित इस अभ्यास ने यह साबित कर दिया कि ज़िला प्रशासन किसी भी प्राकृतिक या मानवीय आपदा से निपटने को लेकर गंभीर और सजग है। व्यवस्थित योजना और नेतृत्व
एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल के नेतृत्व में मॉक ड्रिल का संचालन किया गया।

उनका निरीक्षण यह दर्शाता है कि उच्च स्तर से लेकर जमीनी अमले तक सभी ने अभ्यास को वास्तविक आपात स्थिति के समकक्ष समझा। मैग्नेटो मॉल में बहुआयामी अभ्यास आगजनी की स्थिति में तत्परता: फायर ब्रिगेड की समयबद्ध प्रतिक्रिया और मॉल से लोगों की सुरक्षित निकासी एक व्यवहारिक उपलब्धि रही।

संदिग्ध वस्तु की निष्क्रियता: डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते की कार्यकुशलता ने अभ्यास को व्यावसायिक रूप प्रदान किया।
भीड़ नियंत्रण एवं सूचना संप्रेषण: डिजिटल संकेतों और माइक्रोफोन के उपयोग ने दिखाया कि अफवाहों को कैसे रोका जा सकता है।

हाईटेक बस स्टैंड: रणनीति और निष्पादन संदिग्ध व्यक्ति की पहचान और पूछताछ: यह दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियाँ भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी सतर्कता बरतने में सक्षम हैं।

विस्फोटक खोज और निष्क्रियता: बम डिस्पोजल यूनिट द्वारा सावधानीपूर्वक की गई कार्रवाई ने ट्रेनिंग की गुणवत्ता को दर्शाया।आपात निकासी अभ्यास: भीड़ को नियंत्रित करते हुए तेज़ और सुरक्षित निकासी का प्रदर्शन प्रशासन की मुस्तैदी का प्रमाण था।

विश्लेषण और निष्कर्ष…!
यह मॉक ड्रिल केवल एक अभ्यास न होकर, एक पूर्ण सुरक्षा मूल्यांकन रहा। विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, आम नागरिकों की जागरूक भागीदारी, और तकनीकी संसाधनों का समुचित उपयोग इस बात का संकेत है कि बिलासपुर अब किसी भी आपात स्थिति के लिए पहले से अधिक तैयार है।

