बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] बिलासपुर जिले में मुस्लिम समाज के पात्र नागरिकों को EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और जाति प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने के विरोध में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत की कि तहसील स्तर पर अधिकारी नियमों का हवाला देकर प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे, जिससे समाज के पात्र लोग शिक्षा और नौकरी में मिलने वाले आरक्षण से वंचित हो रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार जिनके पास 1000 वर्गफुट तक रिहायशी जमीन, सालाना आय आठ लाख रुपए तक तथा पांच एकड़ तक कृषि भूमि है, वे EWS प्रमाण पत्र के पात्र हैं। इसके बावजूद तहसीलदार मुस्लिम समाज के लोगों के आवेदन स्वीकार नहीं कर रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा जानबूझकर मुस्लिम समाज को प्रमाण पत्र से वंचित किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मोहम्मद यासीन (रतनपुर) और नूर अली (सीपत) ने कहा कि जब भी आवेदन करने जाते हैं। तो अधिकारी अस्पष्ट दिशा-निर्देशों का हवाला देकर आवेदन लेने से इनकार कर देते हैं। उन्होंने इसे मुस्लिम समाज के साथ प्रशासनिक भेदभाव बताया और कहा कि इसके चलते उनके बच्चों का भविष्य संकट में है।

जिलाधीश ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो मुस्लिम समाज एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेगा। इस अवसर पर पार्षद शहजादी कुरैशी, समीर अहमद (बबला), शिबली मेराज खान, शेख निज़ामुद्दीन, फारुख खान, आदिल आलम, इमरान खोखर, अयाज खान, इखलाक खान, ज़ीशान खान, काशिफ अली, आदिल खान सहित कई समाजजन उपस्थित रहे।

