अब लंबी दूरी की बड़ी स्लीपर यात्री बसें शहर के व्यस्त मार्गों से होकर नहीं बल्कि आउटर एरिया के निर्धारित रूट्स से होगी संचालित…
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बड़ा जिला शहर में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस बिलासपुर के सौजन्य से जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं परिवहन विभाग के संयुक्त समन्वय में बड़ी स्लीपर बसों के संचालन मार्ग में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश एवं ए.एस.पी. (यातायात) रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में यह निर्णय लिया गया।

लंबी दूरी की बड़ी स्लीपर यात्री बसें अब शहर के व्यस्त मार्गों से होकर नहीं, बल्कि आउटर एरिया के निर्धारित रूट्स से ही हाईटेक बस स्टैंड तिफरा तक संचालित होंगी। वहीं, आमजन की सहूलियत को देखते हुए छोटी दूरी की सामान्य बसों को शहर के भीतर से गुजरने की अनुमति दी गई है, लेकिन उनके लिए भी निर्धारित पार्किंग स्थलों का पालन अनिवार्य किया गया है।
बैठक में उपस्थित बस संचालकों ने इस निर्णय का सर्वसम्मति से स्वागत किया और यातायात पुलिस की पहल की सराहना की। शहर के भीतर सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने इस कदम को अहम माना जा रहा है।

नवीन निर्धारित रूट इस प्रकार हैं:
1. रतनपुर मार्ग: हाईटेक बस स्टैंड – गुम्बर पेट्रोल पंप – छतौना मोड़ – पेन्द्रिडीह – सकरी – सेंदरी बायपास – रतनपुर।
2. मस्तूरी मार्ग: हाईटेक बस स्टैंड – गुम्बर
पेट्रोल पंप – सिरगिट्टी – महमंद – मस्तूरी।
3. सीपत मार्ग: हाईटेक बस स्टैंड – गुम्बर
पेट्रोल पंप – सिरगिट्टी – महमंद – गुरु नानक चौक – मोपका।
4. सकरी-तखतपुर मार्ग: हाईटेक बस स्टैंड – गुम्बर पेट्रोल पंप – छतौना मोड़ – पेन्द्रिडीह – सकरी बायपास – तखतपुर।
बस संचालकों को दिए गए निर्देश:
बसों के कागजात अद्यतन व विधिसम्मत हों।
चालक-परिचालक की वर्दी व टोकन अनिवार्य।
प्रेशर हॉर्न व म्यूजिकल हॉर्न निषेध।
क्षमता से अधिक सवारी प्रतिबंधित।
सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, सेफ्टी अलार्म आवश्यक।

नो-पार्किंग जोन में बस खड़ी करने पर कार्रवाई होगी।
सभी स्कूल बसों में कैमरा व खिड़की में जाली आवश्यक।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे, अतिरिक्त कलेक्टर शिव बनर्जी, नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर सचिन गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी आनंद रूप तिवारी सहित यातायात विभाग व बस संचालक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह निर्णय शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे न सिर्फ दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी बल्कि आम नागरिकों को भी सुरक्षित व व्यवस्थित यातायात की सुविधा मिलेगी।

