बिलासपुर-{जनहित न्यूज}बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कोनी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए न केवल उत्तरप्रदेश के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया, बल्कि गहन पूछताछ के बाद गांजा के मुख्य स्रोत तक भी पहुंचने में सफलता प्राप्त की है।
पुलिस को 24 मार्च 2025 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक टाटा नेक्सन (क्रमांक CG 04 LZ 3844) में अवैध रूप से गांजा तस्करी की जा रही है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कार की तलाशी ली, जिसमें पीछे की सीट और डिक्की में छिपाकर रखे गए 102 ब्राउन पैकेट्स में कुल 102 किलो गांजा बरामद किया गया। इस मामले में उत्तरप्रदेश निवासी विष्णु कांत सिंह, सौरभ यादव उर्फ पंकज और सचिन उर्फ मोंटी को मौके पर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गांजा ओडिशा के बरगढ़ और बलांगीर जिलों से खरीदकर उत्तरप्रदेश में फुटकर में बेचते हैं। जानकारी के आधार पर एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल, शहर सीएसपी अक्षय प्रमोद साबद्रा, एसीसीयू प्रभारी अनुज गुप्ता, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रभारी सिद्धार्थ बघेल एवं थाना प्रभारी किशोर केंवट शामिल थे।

इस टीम ने ओडिशा के बरगढ़ जिले में दबिश देकर गांजा सप्लायर क्षीरसागर साहू और बलांगीर जिले से फ्रांसीस कुम्हार को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया। दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
इस पूरी कार्रवाई में उनि हेमंत आदित्य, स.उ.नि. अशोक चौरसिया, प्र.आर. रमेशचंद्र पटनायक, आर. विजेंद्र सिंह और अविनाश पांडे का उल्लेखनीय योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने टीम के सभी सदस्यों की सराहना की और कहा कि मादक पदार्थों के कारोबार
पर अंकुश लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बिलासपुर पुलिस की इस मुहिम से न केवल गांजा तस्करों का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हुआ है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी है कि मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

