आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क हुई सर्जरी, बुजुर्ग मरीज को मिला अपने पैरों पर चलने का सहारा…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज]
छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) बिलासपुर के अस्थि रोग विभाग ने एक और उपलब्धि अपने नाम की है। अस्पताल की अनुभवी चिकित्सक टीम ने 75 वर्षीय हाई रिस्क मरीज गणेश राम निराला (निवासी नगरीदिह, सक्ती) का टोटल नी रिप्लेसमेंट (Total Knee Replacement) ऑपरेशन पूरी तरह सफलतापूर्वक संपन्न किया है।
मरीज लंबे समय से घुटनों में तीव्र दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई से परेशान थे। विस्तृत जांच के बाद डॉ. तरुण सिंह ठाकुर द्वारा पाया गया कि उनका बायां घुटना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। वरिष्ठ अस्थि विशेषज्ञ डॉ. ए.आर. बेन के मार्गदर्शन में और एनेस्थिसिया विभाग की अनुभवी टीम की निगरानी में 6 नवम्बर 2025 को सर्जरी की गई।
मरीज को शुगर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्वास्थ्य समस्याएं होने के बावजूद, चिकित्सकों की टीम ने सतर्कता और कुशलता के साथ ऑपरेशन किया। सर्जरी के अगले ही दिन मरीज अपने पैरों पर स्वयं चलने में सक्षम हो गए, जो चिकित्सा दल के लिए एक बड़ी सफलता रही।
ऑपरेशन टीम में डॉ. ए.आर. बेन (विभागाध्यक्ष), डॉ. तरुण सिंह ठाकुर (सहायक प्राध्यापक), डॉ. रवि महोबिया, डॉ. सोमेश शुक्ला, डॉ. सागर कुमार, सिस्टर सुधा और पीजी रेजिडेंट शामिल रहे। वहीं एनेस्थिसिया विभाग से डॉ. मधुमिता मूर्ति (विभागाध्यक्ष), डॉ. मिल्टन देव बर्मन, डॉ. श्वेता काजूर, डॉ. भावना रॉयजादा और उनकी टीम ने उत्कृष्ट भूमिका निभाई।

यह सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क की गई। इम्प्लांट की व्यवस्था में अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह का विशेष योगदान रहा।
अब तक सिम्स के अस्थि रोग विभाग द्वारा 30 कूल्हा प्रत्यारोपण और 22 घुटना प्रत्यारोपण आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क किए जा चुके हैं, जो प्रदेश में चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण है।
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा…
हमारा उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी उत्कृष्ट और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। सिम्स द्वारा किए जा रहे निःशुल्क ऑपरेशन मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगा रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि हम समाज के वंचित वर्ग के जीवन में परिवर्तन ला पा रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा…
हर मरीज को सर्वोत्तम इलाज देना हमारी प्राथमिकता है। सीमित संसाधनों के बावजूद हमारी टीम ने यह सफल सर्जरी कर एक बार फिर सिम्स का नाम ऊँचा किया है। आयुष्मान भारत योजना ने जरूरतमंद मरीजों को नई राह दिखाई है।

