चार थानों व ACCU की संयुक्त कार्रवाई…दो आरोपी गिरफ्तार…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज]
तकनीक और टीमवर्क के बेहतरीन संगम ने एक माह पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी को आखिरकार सुलझा दिया। सब्ज़ी मंडी रोड तिफरा में मिली अधजली लाश का रहस्य पुलिस ने बारीकी से की गई तकनीकी जांच, टावर डंप, CCTV विश्लेषण व सघन पूछताछ के आधार पर पूरी तरह उजागर कर दिया है।

पूरे मामले का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी सिटी राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि 07 नवंबर 2025 को होटल ग्रैंड लोटस के पीछे झाड़ियों में एक अज्ञात पुरुष का अधजला शव मिला था। शव की पहचान हेतु इश्तहार जारी किए गए और राज्य भर की गुम इंसान रिपोर्टों से मिलान कराया गया।
टावर डंप से मिला सुराग
तकनीकी विश्लेषण व टावर डंप से एक मोबाइल नंबर की पहचान की गई, जिस पर संपर्क करते ही मृतक की पहचान गोपाल पिता मुन्ना कोल (26 वर्ष), निवासी सेमिया नेवारी थाना जुगैल, जिला सोनभद्र (UP) के रूप में की गई।
एसएसपी रजनेश सिंह की तकनीकी रणनीति बनी मास्टर स्ट्रोक
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने अपनी तकनीकी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए थाना सिरगिटटी, सिविल लाइन, सरकंडा, तारबाहर, ACCU एवं सायबर सेल को मिलाकर एक विशेष संयुक्त टीम गठित की। चार थानों की सामूहिक कार्रवाई और ACCU की डेटा-विश्लेषण क्षमता ने मामले को ऐतिहासिक तरीके से सुलझा दिया।
एसएसपी रजनेश सिंह ने आज के खुलासे पर पुलिस विभाग के लिये प्रशंसा करते हुए कहा…
बिलासपुर पुलिस के जांबाज जवानों ने अपने थाना प्रभारी किशोर केवट और सी एस पी सिविल लाइन निमितेश परिहार के नेतृत्व में शानदार काम किया है जिसमे सर्वप्रथम जली हुई डेड बॉडी की पहचान करना और फिर human intelligence ( मुखबिर सूचना तंत्र ) से कई संदिग्धों में से आरोपियों की पहचान कर उन पर कई दिनों तक नजर रखना… तब कही जाकर जब उन्हें गिरफ्त में लेकर सिलसिलेवार पूछताछ करने पर पूरे आपराधिक मामले का खुलासा हुआ । बिलासपुर पुलिस के जवानों की इस व्यावसायिक दक्षता से प्राप्त सफलता की सराहना और प्रशंसा की जानी चाहिए , इसके लिए इन्हें मैं बधाई देता हूँ और नगद इनाम से उन्हें पुरस्कृत करता हूँ और इसका अनुकरण करते हुए अन्य अपराधों की जांच भी इसी सक्रियता से सभी को करना चाहिए जिससे बिलासपुर की जनता को न्याय मिल सके ।

CCTV, स्थानीय इनपुट और तकनीकी पैठ ने खोला पूरा घटनाक्रम जांच में पता चला कि मृतक गोपाल होटल ग्रैंड लोटस के पीछे सड़क किनारे शराब पी रहा था। उसी दौरान दो अन्य व्यक्ति—धनेश लोधी उर्फ राजू और अरुण दास मानिकपुरी वहां पहुंचे। शराब के नशे में मृतक और धनेश के बीच विवाद हुआ, जो बढ़ते-बढ़ते झगड़े में बदल गया।
दोनों आरोपियों ने मिलकर गोपाल की पिटाई की और पत्थर से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना उजागर होने के डर से दोनों ने शव और कपड़ों को जलाकर पहचान छुपाने की कोशिश की।
तकनीकी घेराबंदी में फंसे आरोपी
लगातार पतासाजी और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। सघन पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी
- अरुण दास मानिकपुरी, उम्र 30 वर्ष
निवासी अभिलाषा परिसर तिफरा (स्थायी पता: बड़े भटली, थाना जरहागांव, मुंगेली) - धनेश लोधी उर्फ राजू, उम्र 34 वर्ष
निवासी यातायात नगर वार्ड 08, तिफरा
दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
संयुक्त कार्रवाई का चमका परिणाम
इस ऐतिहासिक सफलता ने यह साबित किया कि
तकनीक टीमवर्क
त्वरित नेतृत्व
मिलकर किसी भी अंधे कत्ल को सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन ने चार थाना क्षेत्रों और ACCU की संयुक्त कार्रवाई को परिणाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

