वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक मोतियाबिंद (Cataract) ऑपरेशन करने पर
डॉ. सुभाष मिश्रा गोल्ड मेडल अवार्ड से किया गया सम्मानित…
रायपुर-{जनहित न्यूज़}रायपुर छत्तीसगढ़ स्टेट ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी (CSOS) के वार्षिक कॉन्फ्रेंस का भव्य शुभारंभ होटल बेबीलोन कैपिटल, रायपुर में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 19 से 21 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश सहित देशभर के नेत्र विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में कोलकाता से पधारे प्रख्यात नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पार्था बिश्वास, अध्यक्षता रायपुर के डॉ. मनीष श्रीवास्तव तथा सोसाइटी की सचिव डॉ. सोमा रॉय (भिलाई) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और प्रेरक क्षण तब आया, जब डॉ. ललित माखीजा को वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक मोतियाबिंद (Cataract) ऑपरेशन करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा प्रतिष्ठित “डॉ. सुभाष मिश्रा गोल्ड मेडल अवार्ड” से सम्मानित किया गया। सभागार तालियों की गूंज से भर उठा, जो उनके प्रति समाज के सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक था।

डॉ. ललित माखीजा छत्तीसगढ़ के उन विरले नेत्र विशेषज्ञों में से हैं, जिनके लिए चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि सेवा का संकल्प है। बीते दस वर्षों में उन्होंने राज्य में सबसे अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन कर हजारों दृष्टिहीन मरीजों के जीवन में अंधकार से प्रकाश भरने का कार्य किया है। उनकी कुशल शल्य-प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक की समझ और रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार ने उन्हें जन-जन का विश्वासपात्र चिकित्सक बनाया है।

चिकित्सा सेवा के साथ-साथ डॉ. माखीजा सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में भी निरंतर सक्रिय रहे हैं। सिंधी समाज के कार्यक्रमों, विश्व हिंदू परिषद के सेवा अभियानों, सामाजिक समरसता के प्रयासों तथा भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी रचनात्मक गतिविधियों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। रामकथा, भजन-संध्या, सेवा शिविर और राष्ट्रहित से जुड़े अभियानों में उनकी सहभागिता यह दर्शाती है कि वे समाज को केवल उपचार नहीं, बल्कि दिशा भी देते हैं।

डॉ. ललित माखीजा का व्यक्तित्व कुशल चिकित्सक, संवेदनशील समाजसेवी और राष्ट्रचिंतक नागरिक का सुंदर संगम है। उनका जीवन यह सशक्त संदेश देता है कि जब ज्ञान, सेवा और संस्कार एक साथ चलते हैं, तब समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन संभव होता है।
निस्संदेह, डॉ. ललित माखीजा छत्तीसगढ़ के लिए गौरव हैं। उनका सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि उस मानवीय भावना का सम्मान है, जो चिकित्सा को मानवता की सबसे बड़ी सेवा मानती है।

