बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
मृत्यु के बाद न तो स्वर्ग होता है और न ही नरक आत्मा अपने कर्मों के अनुसार नए जीवन में प्रवेश करती है। मृत्यु के पश्चात दसवां–तेरहवीं जैसे कर्मकांड होते हैं, किंतु आत्मा पूर्णतः भगवान के अधीन रहती है और कर्मफल के अनुसार लगभग एक वर्ष में नया शरीर धारण करती है। यह प्रेरक उद्गार संत विजय कौशल जी महाराज ने लालबहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में आयोजित भव्य रामकथा के दौरान श्रद्धालुओं की विशाल सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

महाराज जी ने कहा कि भूत–प्रेत–पिशाच को भी जब संतों का सान्निध्य मिलता है, तो कृपा से उन्हें सद्गति प्राप्त होती है। कथा मन का परिवर्तन करती है, सही दिशा दिखाती है और मुक्ति के मार्ग की ओर अग्रसर करती है। अमृत की वर्षा में कभी तृप्ति नहीं होती,उसी तरह भगवान की कथा हमारे कलुषित मन को धोकर आत्मा को निखारती है।

नारद जी की रोचक कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि हम कहाँ बैठे हैं और हमारा मन कहाँ भटक रहा है।यही जीवन का सत्य है। माया, काम, क्रोध और लोभ के प्रभाव से मन कैसे विचलित होता है, यह नारद–विष्णु संवाद और विश्व मोहिनी स्वयंवर की कथा से स्पष्ट होता है। संत श्री ने कहा…माँ, महात्मा और परमात्मा ये तीनों जीवन की गंदगी दूर करते हैं।
अर्जुन–दुर्योधन प्रसंग में महाराज जी ने बताया कि अर्जुन ने भगवान को चुना, जबकि दुर्योधन ने सेना। अर्जुन का भाव था।

युद्ध हार जाऊँ, पर हरि को नहीं हार सकता। द्रौपदी भीष्म प्रसंग के माध्यम से उन्होंने मर्यादा, भक्ति और भगवान की लीला का भावपूर्ण वर्णन किया।
मनु शतरूपा की कथा में संत श्री ने दांपत्य जीवन की मर्यादा, वैराग्य और तीर्थ प्रवास का महत्व बताया…
तीर्थों का प्रवास करें और अपने घर को भी तीर्थ बनाएं।” राजा दशरथ, गुरु वशिष्ठ, श्रृंगी ऋषि और पुत्रेष्टि यज्ञ के प्रसंग में भगवान राम के प्राकट्य की दिव्य कथा ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया। चैत्र मास, मंगलवार, त्रेतायुग
भगवान राम के जन्म का वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य संरक्षक अमर अग्रवाल सहित श्रीमती शशि अग्रवाल, महेश अग्रवाल, राम अवतार अग्रवाल, सुनील मरदा एवं श्रीमती मरदा, श्रीमती हर्षिता पांडे, कमल सोनी, श्याम शुक्ला, सुरेश अग्रवाल, सुनील गुप्ता, चंद्रप्रकाश बाजपाई, महर्षि बाजपाई, देवेश खत्री सहित गणमान्यजनों ने स्वागत किया।

तत्पश्चात भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें पूर्व सांसद लखन लाल साहू, बृजमोहन अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, मनोज अग्रवाल सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रामकथा के इस दिव्य आयोजन ने श्रद्धालुओं को कर्म, भक्ति और मर्यादा का अमिट संदेश देकर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

