कारण बताओ नोटिस जारी…
लोक सेवा केंद्र भी मिला बंद लाइसेंस निरस्तीकरण की दी चेतावनी…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे शुक्रवार सुबह 10.30 बजे अचानक निगम मुख्यालय स्थित विकास भवन पहुंचे और सभी शाखाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयीन समय में 18 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
नोटिस में संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा जवाब प्रस्तुत न करने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गौरतलब है कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी कार्यालय प्रातः 10.00 बजे प्रारंभ हों। इसके बावजूद समय पर उपस्थिति सुनिश्चित न होने पर निगम आयुक्त ने सख्त कार्रवाई की।

आयुक्त श्री सर्वे ने कार्यालय अधीक्षक को निर्देशित किया कि प्रतिदिन सभी कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इन 18 कर्मचारियों को जारी हुआ नोटिस
अजय कुमार शुक्ला-सहायक कार्यालय अधीक्षक राकेश यादव-लेखापाल
गिरीराज यादव-सहायक ग्रेड-02, स्थापना
श्रीमती गीता श्रीवास्तव-सहायक ग्रेड-02, आवास शाखा रविशंकर शर्मा-सहायक ग्रेड-02, आवास शाखा संतोष यादव-सहायक ग्रेड-02, पेंशन शाखा
दउवा सोनी-सहायक ग्रेड-02, जल विभाग मिथुन मित्रा स्वच्छता पर्यवेक्षक, जल विभाग जय प्रकाश यादव-राजस्व उप निरीक्षक, संपत्तिकर विभाग श्रीमती अनिता गोड़-कम्प्यूटर ऑपरेटर, संपत्तिकर विभाग श्रीमती हेमलता गुप्ता-सहायक ग्रेड-03, स्थापना श्रीमती लक्ष्मी छाया गोपाल सहायक ग्रेड-03, स्थापना
सुश्री मुस्तरी खान सहायक ग्रेड-03, संपदा निलेश मिश्रा सहायक ग्रेड-03, सूचना का अधिकार श्रीमती सुशीला कौशिक सहायक ग्रेड-03
सन्नी मिश्रा सहायक राजस्व निरीक्षक, संपत्तिकर राहुल इंटिट संपत्तिकर शाखा
मयंक वर्मा प्रधानमंत्री आवास शाखा
लोक सेवा केंद्र बंद मिलने पर कड़ी कार्रवाई। निरीक्षण के दौरान विकास भवन स्थित लोक सेवा केंद्र भी सुबह 10.30 बजे तक बंद मिला, जबकि आदेशानुसार इसे 10.00 बजे से खोलना अनिवार्य है।

इस लापरवाही पर निगम आयुक्त के निर्देश पर संचालिका श्रीमती हेमवती पात्रे एवं श्रीमती वर्तिका कुशवाहा को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न उनका लाइसेंस निरस्त किया जाए। दोनों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे का यह औचक निरीक्षण कार्यालयीन अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त संदेश माना जा रहा है।

