बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शहर के चर्चित हैवेंस पार्क होटल के सामने हुए सामूहिक हमले के मामले में करीब ढाई साल बाद अदालत ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। बिलासपुर की विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) लवकेश प्रताप सिंह की अदालत ने मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मैडी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उसके साथ 12 अन्य आरोपियों को भी विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए दंडित किया गया है।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश), 147 (बलवा) सहित अन्य धाराओं में अपराध सिद्ध माना। न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक स्थान पर संगठित हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

6 मई 2023 की रात बना बवाल
घटना 6 मई 2023 की रात की है, जब होटल के सामने मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया। आरोपियों ने एकजुट होकर पीड़ित पर हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 7 मई को अपराध दर्ज कर क्रमशः सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच पूरी कर 24 जुलाई 2023 को पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया। करीब ढाई साल चली सुनवाई, गवाहों के बयान और साक्ष्यों की गहन पड़ताल के बाद 28 फरवरी 2026 को अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

ये हैं दोषी:-
मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मैडी के अलावा सिद्धार्थ शर्मा उर्फ छोटू शर्मा, फरीद अहमद उर्फ सोनू खान, आयुष मराठा उर्फ बाबू एम, वरुण डिकेड शर्मा उर्फ प्रिंस शर्मा, काव्य गढ़वाल, रूपेश दुबे, आदित्य प्रकाश दुबे, सोनू माली उर्फ आशीष माली, मोहम्मद साबिर उर्फ रानू, विकास वैष्णव उर्फ बाबा राजू, विराज सिंह ध्रुव और गोलू विदेशी को भी दोषी ठहराया गया है।
न्यायालय का सख्त संदेश:-
फैसले के साथ ही इस बहुचर्चित प्रकरण पर न्यायिक विराम लग गया है। अदालत ने साफ कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस निर्णय से शहर में यह स्पष्ट संदेश गया है कि संगठित अपराध और सार्वजनिक हिंसा के खिलाफ न्याय व्यवस्था सख्त और प्रतिबद्ध है।

