बिलासपुर/कोटा-[जनहित न्यूज़]
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा स्थगन प्रस्ताव लाकर किसानों की वर्तमान स्थिति धान खरिदी में हुई अव्यवस्था बचे हुए किसानों का धान खरिदने आदि की मांग को लेकर चर्चा की मांग की गई। स्थगन प्रस्ताव के पक्ष में कांग्रेस विधायकदल की ओर से बोलते हुए विधायक अटल श्रीवास्तव ने अपनी बात रखी। विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि सभापति महोदय छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद यह कल्पना की गई थी कि छत्तीसगढ़ में धान उत्पादन करने वाले अन्नदाताओं का भला होगा। 2018 में जब कांग्रेस कि सरकार बनी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहली ही कैबिनेट बैठक में किसानों का कर्ज माफ किया और 2500रू. प्रति क्विंटल धान खरिदी की घोषणा की। किसानों के कर्ज माफ करते हुए धान खरिदी प्रारंभ हुई जिससे बड़ी संख्या में लोग किसानी की तरफ वापस लौटे परन्तु 2023 में जब वर्तमान सरकार अस्तित्व में आयी किसानों को लगातार हतोत्साहित कर रही है पहले गिरदावरी के नाम पर रकबा काटने का काम फिर एग्रीटेक पोर्टल से पंजीयन में लगातार अव्यवस्था बढ़ती गई और किसानों को परेशान किया गया। किसान धान की खेती हेतु समितियों हेतु बैंको से ऋण लेकर खेती कर रहा है। किसान परेशान है पहले पटवारी जाता है गिरदावरी के नाम पर धान चढ़ाने को लेकर पैसे की मांग एग्रीटेक वाला पैसे की मांग करता है टोकन कटने के पश्चात उसको देखने के लिए भौतिक सत्यापन के लिए पटवारी पहुंचा पटवारी ने रिपोर्ट दी रिपोर्ट के पश्चात तहसीलदार ने रिपोर्ट को न मानते हुए खुद सत्यापित करने पहुंचा लगातार प्रशासनिक लापरवाही एवं पैसे की मांग से किसान परेशानी रही, जो पैसा देगा उसका धान बिकेगा किसान मजबूर होकर मांग की पूर्ति करते रहे इस तरीके से लगातार किसानों को परेशान किया जाता रहा ताकि किसान खेती से उन्मुख हो जाये। यह सरकार किसानों के साथ नहीं है किसानो के साथ धोगा हो रहा है इस लिये स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए।

