अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल…?
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर के सेंदरी स्थित मेंटल हॉस्पिटल में एक मानसिक रोगी द्वारा फांसी लगाकर जान देने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि महासमुंद जिले से लाकर एक दिन पहले ही भर्ती कराए गए मरीज ने अस्पताल के बाथरूम में गमछे के सहारे चौखट से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर उंगलियां उठने लगी हैं।
एक दिन पहले ही कराया गया था भर्ती
जानकारी के अनुसार मृतक को गुरुवार को महासमुंद जिले से इलाज के लिए सेंदरी स्थित मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि मरीज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसे उपचार के लिए यहां लाया गया था। भर्ती के बाद उसकी देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की थी।
बाथरूम के चौखट से गमछे के सहारे झूलता मिला।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक मरीज कुछ समय के लिए बाथरूम गया था। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर स्टाफ को शक हुआ। जब दरवाजा खोलकर देखा गया तो मरीज बाथरूम के चौखट में गमछे के सहारे फांसी के फंदे पर झूलता मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
कोनी थाना क्षेत्र का मामला
यह घटना कोनी थाना क्षेत्र के सेंदरी स्थित मेंटल हॉस्पिटल की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर कोनी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अस्पताल स्टाफ और प्रबंधन से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
पत्नी से मोबाइल नहीं देने पर जताई थी नाराजगी
परिजनों के अनुसार मरीज ने अपनी पत्नी से मोबाइल फोन देने को लेकर नाराजगी जताई थी और मोबाइल नहीं मिलने पर उसने आत्महत्या करने की बात भी कही थी।

ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि अगर मरीज पहले से ही आत्मघाती व्यवहार की बात कर चुका था, तो अस्पताल में उसकी निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी।
अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज सामान्य मरीजों की तुलना में अधिक संवेदनशील स्थिति में होते हैं। ऐसे मरीजों के लिए विशेष निगरानी, सुरक्षित वातावरण और जोखिम वाली वस्तुओं पर नियंत्रण की व्यवस्था जरूरी होती है।

इसके बावजूद अस्पताल परिसर के भीतर बाथरूम में फांसी लगाने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्टाफ की कमी और लापरवाही की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार अस्पताल में स्टाफ की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारी प्रबंधन के निजी कार्यों में लगाए जाते हैं, जिससे वार्ड में मरीजों की निगरानी प्रभावित होती है।
यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मरीज की मानसिक स्थिति, भर्ती के समय की प्रक्रिया, अस्पताल की निगरानी व्यवस्था और घटना के समय मौजूद स्टाफ की भूमिका जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद सेंदरी मेंटल हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।

