पूज्य संत राजाराम साहब जी का 66वां वर्सी महोत्सव 10 से 13 मार्च तक के आयोजन के शुभारंभ पर विशाल बाइक
रैली से गूंजी राजधानी…!
रायपुर-{जनहित न्यूज़}
रायपुर अंतरराष्ट्रीय मानवता सेवा के केंद्र और भारतीय सनातन संस्कृति व सभ्यता के प्रतीक, 317 वर्ष प्राचीन आस्था व सेवा के धाम पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ में प्रकांड विद्वान, करुणा के सागर एवं विनम्रता की मूर्ति परम पूज्य संत राजाराम साहब जी का 66वां वर्सी महोत्सव 10 से 13 मार्च 2026 तक अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ “सेवा वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस महोत्सव में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पावन आशीर्वाद प्राप्त करने और सेवा कार्यों में भाग लेने पहुंच रहे हैं।

लोक कल्याण को अपना परम धर्म मानने वाली शिव अवतारी पावन संत परंपरा के वर्तमान पीठाधीश, नवम् अवतार संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी के मार्गदर्शन और सानिध्य में यह अंतरराष्ट्रीय महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी करुणा, प्रेम, सरलता और सहिष्णुता के प्रतीक हैं तथा “मानव सेवा ही माधव सेवा” के संदेश को चरितार्थ करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनातन संस्कृति का परचम लहरा रहे हैं। उनके नेतृत्व में इस वर्ष को सेवा वर्ष के रूप में मनाते हुए वर्ष भर विभिन्न सेवा कार्य किए जाएंगे।
संत परंपरा के विलक्षण संत राजाराम साहब जी ने संस्कृत और वेदों की शिक्षा हरिद्वार स्थित कनखल आश्रम में प्राप्त की थी। उनकी असाधारण प्रतिभा से प्रभावित होकर आश्रम के पीठाधीश ने उन्हें वहीं पीठाधीश बनने का आग्रह किया, किंतु संत राजाराम साहब जी ने अत्यंत विनम्रता से यह कहते हुए प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया कि “मैं शदाणी दरबार की अमानत हूं, मुझे सिंध स्थित शदाणी दरबार में ही अपनी सेवाएं देनी हैं।”
उनकी करुणा इतनी गहरी थी कि किसी का दुख देखकर उनकी आंखों में आंसू आ जाते थे। वे भूखों को पहले भोजन कराते और स्वयं बाद में भोजन करते थे। वे चाहते थे कि लोगों के दुखों का वास्तविक समाधान हो, इसलिए वे आध्यात्मिक उन्नति और सुख-समृद्धि के लिए सतत प्रयास करते रहे।

इसी महान संत की स्मृति में आयोजित इस वर्सी महोत्सव में संतों और महामंडलेश्वरों के प्रेरक प्रवचनों की ज्ञान गंगा बहेगी। साथ ही देश के ख्याति प्राप्त भजन गायकों द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालु ईश्वर भक्ति में सराबोर होंगे। सेवा वर्ष के अंतर्गत इस बार लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशाल मेगा मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव के प्रचार-प्रसार और जनजागरण के उद्देश्य से रविवार 8 मार्च को दोपहर 1 बजे पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ से एक विशाल बाइक रैली निकाली गई। यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करती हुई मोवा स्थित गुरुद्वारे के पास संपन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं और नागरिकों ने रैली का आत्मीय स्वागत किया।
इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न आध्यात्मिक केंद्रों से संत-महात्मा भी पधार रहे हैं। जिनमें श्रीधाम वृंदावन से पूज्य पुंडरीक गोस्वामी जी और भागवत विदुषी पूज्य कीर्ति किशोरी जी, हरिद्वार से महामंडलेश्वर पूज्य अभिषेक चैतन्य गिरि जी महाराज, विद्वानों की नगरी काशी से पूज्य गोविंदानंद जी महाराज तथा केरल से पूज्य श्री दिव्यानंद सरस्वती जी महाराज एवं स्वामी रामानंद सरस्वती जी शामिल हैं, जो अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
सेवा वर्ष के अंतर्गत 10 से 12 मार्च तक विशाल मेगा मेडिकल कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें कैंसर जागरूकता एवं उपचार के विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक तथा विभिन्न प्रकार की मेडिकल जांच करने वाले लेबोरेटरी विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। इन सभी सेवाओं का लाभ श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
महोत्सव के अंतिम दिन 13 मार्च को विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजसेवी रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश देंगे।
श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति के इस अद्भुत संगम में शदाणी दरबार एक बार फिर समाज को मानवता, करुणा और सेवा का संदेश देने जा रहा है, जहां भक्तों की आस्था और संतों की वाणी से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो रहा है।

