अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह का औचक निरीक्षण…
आपदा प्रबंधन को लेकर किए सख्त निर्देश जारी…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) चिकित्सालय में मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रबंधन ने फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने अस्पताल परिसर का औचक निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन जांच की।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में स्थापित कुल 664 एबीसी (ABC) एवं CO2 अग्निशमन सिलेंडरों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने सिलेंडरों की कार्यक्षमता, प्रेशर लेवल, फिटनेस और वैधता अवधि की जांच कर संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नियमित निरीक्षण, समय पर रिफिलिंग और सही स्थान पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

अस्पताल के संवेदनशील विभागों NICU (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) और PICU (बाल गहन चिकित्सा इकाई) में विशेष सतर्कता बरती गई। यहां फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर और ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम की कार्यशीलता की जांच की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अलर्ट और नियंत्रण संभव हो सके।

इसके साथ ही इमरजेंसी एग्जिट मार्गों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निकासी मार्ग पूरी तरह साफ, सुगम और अवरोधमुक्त रहें, जिससे आपदा की स्थिति में मरीजों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। फायर सेफ्टी संकेतकों को प्रमुख स्थानों पर लगाने पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण के बाद आयोजित आपात बैठक में अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स जैसे बड़े संस्थान में प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है, ऐसे में मजबूत फायर सेफ्टी सिस्टम अनिवार्य है। उन्होंने नियमित फायर सेफ्टी प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए, साथ ही प्रत्येक विभाग में जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति पर जोर दिया।वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सुरक्षा में लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को फायर सेफ्टी उपकरणों का नियमित ऑडिट करने और किसी भी कमी को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
प्रबंधन ने यह भी निर्णय लिया कि फायर सेफ्टी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों को भी समय-समय पर आवश्यक जानकारी दी जाएगी। इसके लिए सूचना पट्ट, दिशा-निर्देश और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।

सिम्स प्रबंधन की इस पहल का उद्देश्य अस्पताल की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी आगजनी या आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

