बिलासपुर में कॉल सेंटर की आड़ में चल रही थी इमोशनल फ्रॉड फैक्ट्री…!
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बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
शादी के नाम पर भरोसे का कारोबार… और उसी भरोसे को बना लिया ठगी का हथियार! बिलासपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी मैरिज ब्यूरो के जरिए देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था। यह नेटवर्क कॉल सेंटर मॉडल पर काम कर रहा था, जहां से भावनाओं से खेलकर लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी।
भावनाओं का शिकार बनाकर ठगी का खेल।
गिरोह का तरीका बेहद चालाकी भरा था। शादी के इच्छुक लोगों को परफेक्ट मैच का झांसा दिया जाता, फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन और मुलाकात के नाम पर पैसे ऐंठे जाते।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि युवतियों से फर्जी प्रोफाइल बनवाकर ग्राहकों से बात कराई जाती थी, ताकि सामने वाला भावनात्मक रूप से जुड़ जाए और आसानी से पैसे ट्रांसफर कर दे।
ऐसे खुला पूरे नेटवर्क का राज
मामले की शुरुआत संदिग्ध बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) की जांच से हुई। पुलिस को पता चला कि इन खातों में होने वाले लेनदेन असली खाताधारकों द्वारा नहीं, बल्कि गिरोह के सदस्य कर रहे थे।
इसी बीच बिहार के एक पीड़ित ने शादी के नाम पर 10,000 रुपये ठगे जाने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और पूरा नेटवर्क सामने आ गया।
कॉल सेंटर बनाकर चल रही थी ठगी की फैक्ट्री
बिलासपुर के सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्र में जब पुलिस ने छापेमारी की, तो वहां बाकायदा कॉल सेंटर जैसे ऑफिस मिले।
यहां स्क्रिप्ट के आधार पर लोगों को कॉल किए जाते थे और सुनियोजित तरीके से उन्हें झांसे में लिया जाता था।
बरामदगी में खुला बड़ा नेटवर्क
पुलिस कार्रवाई में मौके से जप्त:
10 कंप्यूटर सेटअप
70 मोबाइल फोन
20,000 रुपये नगद
बरामद किए गए। साथ ही बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है।

चार आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया है:
महारथी साहु (31)
फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (40)
तरुणा उर्फ सोनू खरे (40)
नीरा बाथम (32)
कानूनी कार्रवाई जारी।
आरोपियों के खिलाफ सरकंडा थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बड़ा सवाल…? क्या देशभर में फैला है यह जाल?
जांच के शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह नेटवर्क सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं हो सकता। फर्जी प्रोफाइल, डिजिटल पेमेंट और कॉल सेंटर सिस्टम के जरिए यह एक संगठित साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क हो सकता है।
पुलिस अब शहर के अन्य इलाकों के साथ-साथ देश के दूसरे हिस्सों में भी इस गिरोह के कनेक्शन खंगाल रही है।
सावधान रहें:
अगर कोई मैरिज ब्यूरो आपसे पहले पैसे मांगता है या संदिग्ध लगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।क्योंकि अब शादी भी बन चुकी है साइबर ठगी का नया जरिया!

