उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में शैक्षणिक भ्रमण, छात्रों ने लिया व्यवहारिक प्रशिक्षण…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा विद्यार्थियों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाव, राहत एवं पुनर्वास कार्यों की व्यवहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून स्थित डिजास्टर मैनेजमेंट एंड मिटिगेशन सेंटर (DMMC) में एक सप्ताह का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।
15 मार्च से 22 मार्च 2026 तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीजी एवं इंटर्न छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए आपदा प्रबंधन की बारीकियों को व्यवहारिक रूप से सीखा।
भ्रमण का शुभारंभ 15 मार्च को सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इसके पश्चात पी.एस.एम. विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर के नेतृत्व में टीम देहरादून रवाना हुई।

इस दौरान डॉ. आरती पाण्डेय, डॉ. मेलिशा एवं डॉ. प्रणव ने विद्यार्थियों को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी, मेडिकल रिस्पॉन्स, सामुदायिक सुरक्षा एवं आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
आपदा प्रबंधन की गहराई से समझ
प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, तूफान और सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण, प्रभाव, पूर्व तैयारी, त्वरित बचाव, राहत वितरण और पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्हें यह भी बताया गया कि आपदा के समय घबराने के बजाय सरकारी चेतावनियों का पालन करना, सुरक्षित स्थानों की पहचान करना तथा प्राथमिक उपचार, टॉर्च, दवाइयां, पानी और आवश्यक खाद्य सामग्री पहले से तैयार रखना जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के साथ समन्वय की सीख, इस भ्रमण की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पैरामेडिकल रेस्क्यू, पब्लिक हेल्थ रिस्पॉन्स एवं अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय की पूरी प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझा।
विशेषज्ञों ने बताया कि प्रारंभिक स्तर से आपदा प्रबंधन की शिक्षा मिलने पर विद्यार्थी भविष्य में प्रभावी डिजास्टर वॉरियर और फर्स्ट रिस्पॉन्डर बन सकते हैं।
प्रबंधन और जागरूकता पर जोर
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि मेडिकल शिक्षा के साथ आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर नेतृत्व, त्वरित निर्णय क्षमता और जनसेवा के लिए तैयार करता है।
वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर ने कहा कि सही जानकारी, पूर्व तैयारी और सतत जागरूकता ही प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
संदेश अंत में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया। आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है सही जानकारी, पूर्व तैयारी और जागरूकता।

