मुंगेली पुलिस की हाईटेक कार्यशाला में अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण…!
मुंगेली-{जनहित न्यूज़}
जिला मुंगेली पुलिस द्वारा अपराध अनुसंधान को और अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए पुलिस लाइन मुंगेली में डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक एवं डीएनए साक्ष्य” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन एवं एफएसएल रायपुर के संचालक श्री सुशील द्विवेदी के सहयोग से, मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों जैसे डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक एवं डीएनए साक्ष्य—के महत्व, उनके वैज्ञानिक संग्रहण, सुरक्षित संरक्षण तथा न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतिकरण के बारे में विस्तृत जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में फॉरेन्सिक विशेषज्ञ डॉ. विक्रांत सिंह (एफएसएल रायपुर), डॉ. स्वाति कुजुर (एफएसएल बिलासपुर) एवं डॉ. ज्योत्सना लकड़ा (मुंगेली) ने बताया कि वर्तमान समय में अपराधों की जांच में डिजिटल और फॉरेन्सिक साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मोबाइल फोन, लैपटॉप, सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया डेटा और डीएनए सैंपल जैसे साक्ष्य अपराधियों तक पहुंचने में निर्णायक साबित हो रहे हैं।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को साक्ष्य के सही संकलन, सीलिंग प्रक्रिया, “चेन ऑफ कस्टडी” बनाए रखने, ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग तथा न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण की व्यवहारिक जानकारी दी गई। साथ ही साइबर और तकनीकी अपराधों की जांच में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

एसएसपी भोजराम पटेल ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत कर उन्हें शीघ्र सजा दिलाई जा सके।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह, रक्षित निरीक्षक श्रीमती नरगिस ख्रिस्ट तिग्गा बघेल सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी और पुलिस अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

