बोले…अनुशासन तकनीक और संवेदनशीलता से मजबूत होगी पुलिस की पहचान….
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग ने बुधवार को रेंज में पदस्थ नव-नियुक्त प्रशिक्षु उप-निरीक्षकों (PSI) की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की। बैठक का आयोजन रक्षित केंद्र बिलासपुर स्थित चेतना भवन में किया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, मधुलिका सिंह, राम गोपाल करियारे, उप पुलिस अधीक्षक मंजूलता केरकेट्टा, विवेक शर्मा सहित बिलासपुर जिले के अधिकारी एवं रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक वर्चुअली शामिल हुए।

बैठक में आईजी राम गोपाल गर्ग ने नव-प्रशिक्षु उप-निरीक्षकों को पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों, अनुशासन, तकनीकी दक्षता, विवेचना कौशल और जनसेवा के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने के बाद प्रत्येक अधिकारी पूरे पुलिस विभाग का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए उसका आचरण सदैव अनुशासित, मर्यादित और कानूनसम्मत होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिसकर्मी स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और ऐसा कोई कार्य न करें जिससे विभाग की छवि धूमिल हो।

आईजी ने आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि सभी प्रशिक्षु अधिकारी CCTNS में स्वयं प्रविष्टियां करें तथा विभागीय एप्स सशक्त, ई-साक्ष्य, I/O Mitan और समाधान का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करें। साथ ही कंप्यूटर, साइबर अपराध और सोशल मीडिया संबंधी जानकारी में दक्षता विकसित करने पर भी बल दिया।

व्यावहारिक प्रशिक्षण के तहत प्रत्येक प्रशिक्षु को न्यूनतम 5 समन और 5 वारंट तामील करने, पुरानी एफआईआर एवं चार्जशीट का अध्ययन करने तथा अनुभवी विवेचकों एवं थाना मोहर्रिरों से विवेचना की बारीकियां सीखने के निर्देश दिए गए।
जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर जोर देते हुए आईजी ने कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक पीड़ित की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनना और उसे कानूनसम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में विभागीय आचरण नियमों के पालन और डेली डायरी नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इसकी कभी भी औचक जांच की जा सकती है।

बैठक के समापन पर आईजी राम गोपाल गर्ग ने सभी नव-नियुक्त प्रशिक्षु उप-निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले 20 से 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली और छवि को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी इसी नए बैच के कंधों पर होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

