अधिष्ठाता ने की घोषणा जल्द शुरू होगी अत्याधुनिक एचपीएलसी (HPLC) मशीन से जांच…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में आज ‘विश्व सिकल सेल दिवस’ (World Sickle Cell Day) के उपलक्ष्य में एक विशेष चिकित्सा एवं जागरूकता कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन बायोकेमिस्ट्री (जैव रसायन) विभाग द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सिकल सेल जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना और इसके त्वरित व सटीक वैज्ञानिक निदान पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सिम्स के डीन डॉ.रमणेश मूर्ति ने बायोकेमिस्ट्री विभाग के इस प्रयास की सराहना की और अपने संबोधन में सिकल सेल के उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। मरीजों और डॉक्टरों को संबोधित करते हुए सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने एक बड़ी घोषणा की कि बहुत जल्द सिम्स में सिकल सेल की जांच को और अधिक उन्नत व वैज्ञानिक स्तर पर ले जाने के लिए एचपीएलसी (HPLC) मशीन के माध्यम से टेस्टिंग शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि बायोकेमिस्ट्री विभाग के अंतर्गत इस अत्याधुनिक मशीन के आने से मरीजों को बेहद कम समय में अत्यंत सटीक और प्रामाणिक रिपोर्ट मिल सकेगी, जिससे सही इलाज तुरंत शुरू करने में बड़ी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन सिकल सेल से पीड़ित मरीजों को हर संभव बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मरीजों को दवाइयों और परामर्श के लिए अस्पताल में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह ने बायोकेमिस्ट्री विभाग और जूनियर डॉक्टरों की टीम को इस सफल आयोजन व निरंतर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर बायोकेमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष साहू ने यह बताया कि उनके विभाग में विगत एक वर्ष में कुल 19,706 सिकल सेल से रिलेटेड टेस्ट किए जा चुके हैं, जिसमें 3,441 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं तथा यह लगभग 20% है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास डेली हर दिन 80 से 90 मरीज आते हैं, जिनमें से 40 से 50 लोगों का हर दिन टेस्ट होता है एवं 40 से 50 लोगों को मेडिसिन दिया जाता है। हमारे विभाग में सिकल सेल के मरीजों के लिए विशेष काउंसलर भी हैं। उनके लिए डेडीकेटेड स्टाफ है, लैब है और डेडीकेटेड पीजी छात्र-छात्राएं भी हैं जो अपना काम बहुत ही ईमानदारी से मरीजों की सेवा और देखभाल के लिए करते हैं। इस जागरूकता संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सिम्स के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं एवं नर्सिंग के छात्र-छात्राओं द्वारा संस्थान परिसर में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से छात्रों ने पीढ़ी को सिकल मुक्त बनाएं, शादी से पहले ब्लड टेस्ट जरूर कराएं” का स्लोगन देते हुए लोगों को सिकल सेल स्क्रीनिंग के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम के दौरान गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा संस्थान में आए मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक विशेष परामर्श सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें बीमारी से जुड़े मिथकों और सच्चाई से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के पश्चात, बायोकेमिस्ट्री विभाग द्वारा विभिन्न मरीजों को केला, पानी और बिस्किट वितरित किए गए तथा उनके स्वास्थ्य के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। इस कार्यक्रम में सिम्स बायोकेमिस्ट्री विभाग के चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षक, पीजी छात्र-छात्राएं और नर्सिंग स्टाफ एवं बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र उपस्थित रहे। अंत में बायोकेमिस्ट्री विभाग एवं संस्थान प्रबंधन द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी डॉक्टरों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

