वित्तीय अनियमितता व नियमों के उल्लंघन के आरोप…! डायसिस का पक्ष आना बाकी…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] सेंट अगस्टीन चर्च प्रबंधन ने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ डायसिस (CNI) से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चर्च संचालन करने की घोषणा की। चर्च पदाधिकारियों पिंकी सिंह, महिमा टोपनो, शबनम इनोक्स, आलोक जकारिया, टीना सैमुअल और प्रभाकर सिंह ने बताया कि यह निर्णय चर्च प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के पालन की मांग को लेकर लिया गया है। सेंट अगस्टिन चर्च प्रबंधन के अनुसार, छत्तीसगढ़ डायोसिस से अलग होने के प्रमुख कारणों में चर्च द्वारा चयनित प्रतिनिधि एवं वर्तमान में डायोसिस के कोषाध्यक्ष जयदीप रॉबिन्सन के कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष भी शामिल है। चर्च प्रबंधन का आरोप है कि उन्होंने अपने पद का मनमाने ढंग से उपयोग किया तथा अधिकारों का दुरुपयोग किया।

चर्च प्रबंधन ने यह भी कहा कि जयदीप रॉबिन्सन सेंट अगस्टिन चर्च के प्रतिनिधि के रूप में डायोसिस काउंसिल में भेजे गए थे, जिसके आधार पर उन्हें कोषाध्यक्ष का पद प्राप्त हुआ था। अब चूंकि सेंट अगस्टिन चर्च ने उन्हें अपना प्रतिनिधि नहीं मानने और उनकी प्रतिनिधित्व की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है, इसलिए चर्च प्रबंधन का दावा है कि डायोसिस में उनका कोषाध्यक्ष पद भी स्वतः समाप्त माना जाना चाहिए।
पदाधिकारियों के अनुसार सेंट अगस्टीन चर्च वर्ष 1907 में ब्रिटिश काल में स्थापित एंग्लिकन चर्च है, जो रेलवे की भूमि पर स्थित है। उनका दावा है कि यह ऐतिहासिक एवं अहस्तांतरणीय चर्च है और इसकी संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। प्रेसवार्ता में चर्च प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ डायसिस के प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि प्रशासन में पारदर्शिता का अभाव है, चर्चों से प्राप्त अंशदान का समुचित हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं कराया जाता और कई पादरियों को महीनों तक वेतन नहीं मिला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पादरियों के स्थानांतरण निर्धारित नियमों के विपरीत किए जाते हैं तथा विरोध करने वालों के खिलाफ निलंबन और सेवा समाप्ति एवं सामाजिक बहिस्कार जैसी कार्रवाई की जाती है।

चर्च प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि असहमति रखने वाले सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार किया जाता है, जिससे उन्हें मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसके अलावा कुछ पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं तथा मिशन की संपत्तियों और निधियों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए। चर्च प्रतिनिधियों ने दावा किया कि इन आरोपों से जुड़े दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों को सौंपे जाएंगे। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी धार्मिक मतभेद या धर्मांतरण से जुड़ा नहीं है, बल्कि चर्च प्रशासन में सुधार की मांग को लेकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सेंट अगस्टीन चर्च अब अपनी एंग्लिकन परंपरा के अनुरूप स्वतंत्र रूप से धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का संचालन करेगा।

