पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच
धक्का- मुक्की…
जमीन सीमांकन से लेकर अवैध प्लॉटिंग और रेत उत्खनन तक के मामलों की जांच की मांग…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] जमीन सीमांकन विवाद को लेकर मंगलवार को बिलासपुर में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट घेराव की कोशिश की। नेहरू चौक पर पुलिस द्वारा लगाई गई तीन स्तरीय बैरिकेडिंग पार करने के
प्रयास में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस ने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में जमीन संबंधी मामलों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में प्रशासन राजनीतिक दबाव में कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कथित अवैध प्लॉटिंग, रेत उत्खनन, विकास कार्यों में भेदभाव और जमीनों से जुड़े मामलों में अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की।
तीन लेयर की बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश
कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने नेहरू चौक पर तीन स्तरों में बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को संभालने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का सहारा लिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कलेक्ट्रेट की ओर जाने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
धान की खड़ी फसल के बीच सीमांकन का आरोप:-
पूरे विवाद की शुरुआत 16 सितंबर को हुई थी। ग्राम सेलर के सरपंच एवं बेलतरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया था कि खेत में धान की फसल खड़ी होने के बावजूद उनकी जमीन का सीमांकन कराया गया। उन्होंने इस कार्रवाई के पीछे भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला का दबाव होने का आरोप लगाया था। इसके बाद विधायक की ओर से धनंजय सिंह ठाकुर को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजे जाने की बात सामने आई।
कांग्रेस नेता प्रमोद नायक ने भी सीमांकन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस ने इस विवाद को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
अब गांवों और वार्डों तक आंदोलन ले जाने की तैयारी:-
प्रदर्शन के बाद विजय केसरवानी ने संकेत दिए कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल कलेक्ट्रेट घेराव तक सीमित नहीं रखेगी। उन्होंने गांवों और वार्डों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों के बीच जाने और आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। कांग्रेस ने जमीन सीमांकन विवाद के साथ क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग, रेत उत्खनन और विकास कार्यों में भेदभाव जैसे मुद्दों को भी आंदोलन से जोड़ने की रणनीति अपनाई है।
पुलिस ने दी कार्रवाई की चेतावनी
एएसपी सिटी पंकज पटेल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, विधायक सुशांत शुक्ला पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में उनका आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में जमीन सीमांकन विवाद और कांग्रेस के आरोपों को लेकर प्रशासनिक जांच तथा संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

