रसूखदारों ने 1990 में ही कोटवार मालिकराम के फर्जी हस्ताक्षर से करा लिया जमीन तबादला आदेश
17-अगस्त 2021
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर कोटवार मालिकराम की जमीन का शेष बचे हिस्से को फर्जी हस्ताक्षर से दोमुहानी गाँव में तबादला आदेश करा लिया। इस षड्यंत्र से कलेक्टर को भी किया गया गुमराह।

कोटवार मालिकराम ने 1990 की जमीन के तबादला आदेश की कॉपी देखते ही कहा ये सब मेरी जमीन हड़पने के लिए भूमाफियाओं ने मिली भगत से फर्जी हस्ताक्षर कराकर कूटरचना रचते हुए कार्य किया गया है, तबादला आदेश में किये गए दस्तक मेरे नही है।

ज्ञात हो कि कोटवार की भूमि का तबादला आदेश ही करवा लिया जो कि नियमानुसार सम्भव ही नहीं है
कोटवार मालिक़राम को पता ही नहीं है और उसकी कोटवारी ज़मीन का 62 डिस्मिल रक़बा का तबादला करके शान्ति लाल चोपड़ा के नाम पर कर दिया और फ़र्ज़ी मालिकराम को तालापारा से कई किलोमीटर दूर दोमुहानी गाँव में दो एकड़ ज़मीन केवल काग़ज़ों में दिया। दोमुहानी की उस ज़मीन का आज तक अता पता नहीं है न उस पर असली मलिकराम क़ाबिज़ है और न ही नक़ली मालिक़राम! परंतु यहाँ एक बात और भी आती है की क्या कलेक्टर ऐसा तबादला कर सकता है। जिसमे जमीन मालिक को इसकी किसी भी प्रकार की जानकारी ही न हो यह मामला सोचनीय है क्योंकि प्रदेश में बहुत सारी कोटवारी जमीन है!
बिलासपुर में भूमाफियाओं और रसूखदार द्वारा किये गए असंवैधानिक कृत्य पर जहां आश्चर्य होता है वही यह सोच कर भी अचंभित होना लाजमी है कि हमारा सरकारी तंत्र इन रसूखदारों के इशारों पर किस तरह नाचता है जोकि बेहद निंदनीय है ऐसा षड्यंत्र रचित कार्य सचमुच ही अपराध की श्रेणी में आता है और इस पर अंकुश लगाने सरकार को कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।

