कलेक्टर के लिखित शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा जाँच
सहायक पंजीयक व नोडल अधिकारी के ऊपर गिर सकती है गाज
02-अक्टूबर 2021
मुंगेली से फलित जांगडे की रिपोर्ट-
मुंगेली-{जनहित न्यूज़} मुंगेली ज्ञात हो कि सत्र 2019-2020 में जिला मुंगेली के तीनों ब्लाकों में कुल 89 धान खरीदी केंद्र थे। जिसके माध्यम से सरकारी मूल्य पर किसानों से धान खरीद कर सरकार धान संग्रहण का कार्य करती है। लेकिन कभी कभी सुनने में आता है कि किसी समिति प्रबंधक द्वारा धान उपार्जन केंद्र में अनियमितता कर रहा होता है जो कि कहीं सामान्य तौर पर तो कहीं असामान्य शार्टेज दिखाई देता है। ठीक वैसे ही मुंगेली जिला में 24 उपार्जन केंद्र में असामान्य शार्टेज सामने आया था।
खरीफ विपणन वर्ष 19- 20 में मुंगेली जिले के 89 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर 3277622.00 क्विंटल धान की खरीदी की गई। सभी 89 उपार्जन केंन्द्रों में से 50 उपार्जन केंद्रों में 55256.27 क्विंटल धान का धान शार्टेज उपार्जन केंद्र स्तर पर रहा। राज्य शासन द्वारा वर्तमान में किसानों को प्रति क्विंटल 2500 रु दिया जा रहा है। इस आधार पर जिले में कुल 13 करोड़ 81 लाख 40 हजार 675 रुपये का नुकसान सरकार को पहुंचाई गई है। जिले के 24 केंद्रों में 2 प्रतिशत से अधिक की असामान्य कमी या शार्टेज हुई है जिले के 4 असामान्य कमी वाले खरीदी केन्द्र गोइन्द्री, खुड़िया, सिलदहा, एवं पण्डारभट्टा के विरुद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया था। जबकि 3 उपार्जन केंद्र डोंगरिया, डिंडौरी , पथरगढ़ी के विरुद्ध एफआईआर का आदेश जारी करने के उपरांत उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के आदेश के परिपालन में एफआईआर को आगामी आदेश तक स्थगित रखा गया है।
तत्कालीन कलेक्टर महोदय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि असामान्य कमी वाले 24 खरीदी केंद्रों के द्वारावर्ष 2019-20 के लिए उपार्जित किये गए धान का गबन किया गया है जानबूझकर लापरवाही पूर्वक धान संधारण किये जाने के कारण धान अमानक हो गया है। बार बार निर्देश देने के बाद भी शार्टेज धान की पूर्ति नहीं की गई है। इस असामान्य कमी के संबंध में कलेक्टर महोदय ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि सहायक पंजीयक सहकारी संस्था मुंगेलीउत्तर कौशिक एवं नोडल अधिकारी रश्मि गुप्ता जिला सहकारी बैंक मुंगेली द्वारा रुचि लेकर शार्टेज धान का पूर्ति नहीं कराने का प्रयास किया गया है और न ही वसूली के लिए कोई कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर ने सीधे तौर पर कहा है कि शार्टेज वाले 24 उपार्जन केन्द्रों में 44521 क्विंटल धान का शार्टेज हुआ हैजिसकी कीमत 11 करोड़ 13 लाख 2 हजार 500 रु है जिसमें सहायक पंजीयक उत्तर कौशिक सहकारी संस्था मुंगेली नोडल अधिकारी रश्मि गुप्ता जिला सहकारी बैंक मुंगेली दोनों की सहभागिता है और इन 24 उपार्जन केन्द्रों के संबंध में आवश्यक कार्यवाही के लिए उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा था लेकिन आज तक इस विषय पर किसी भी प्रकार का कोई कार्यवाही नहीं हुआ है। जब सहायक पंजीयक से इस विषय पर चर्चा की गई तब सहायक पंजीयक उत्त्तर कौशिक ने जवाब में कहा कि मैंने अपना जवाब उच्च अधिकारियों को दे दिया है वो सही जांच कर दोषियों के ऊपर कार्यवाही करने की बात कही साथ ही यह भी कहा कि धान का जो शार्टेज हुआ है उसे दोषियों के द्वारा पूर्ति कराया जाएगा। लेकिन गौर करने वाली बात है कि अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं हो रहा है या फिर समय के साथ इस मामले को दबा दिया जायेगा। इस मामले को हुये करीब दो साल होने जा रहा है समय के साथ यह मामला भी अन्य मामले की तरह शांत होता दिखाई दे रहा है आखिर सरकार को जो आर्थिक क्षति हुई है उसकी पूर्ति कौन करेगा समय या दोषी कर्मचारी देखने वाली बात होगी।


