ग्रामीणों की शिकायत पर की गई कार्यवाही
08- नवम्बर 2021
अम्बिकापुर-[जनहित न्यूज़] धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। बिलासपुर का एक पादरी चंगाई सभा के नाम पर लोगों को धर्म परिवर्तन करने के लिए उकसा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत पर पादरी और चंगाई सभा के आयोजक के खिलाफ थाने में जुर्म दर्ज किया गया है।
अंबिकापुर की मणिपुर चौकी पुलिस ने चंगाई सभा के नाम पर लोगों की गंभीर से गंभीर बीमारी ठीक कर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करने वाले पादरी सहित 2 लोगों पर अपराध दर्ज किया है। बिलासपुर से आए एक व्यक्ति द्वारा प्रशासन से बिना अनुमति लिए चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। अम्बिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर स्थित ग्राम उदयपुर ढाब में पिछले दो दिनों से अनिल किस्पोट्टा नाम का व्यक्ति ग्रामीण महिला पुरुषों को बुलाकर उन्हें स्वस्थ रखने के लिए चंगाई सभा के नाम पर इसाई धर्म का प्रचार कर रहा था। इस काम के लिए बिलासपुर से एक पादरी सालवेशन मिंज को बुलाया गया था। आस-पास के कुछ ग्रामीण जब इस सभा में पहुंचे तो सभा में स्वास्थ्य लाभ के नाम पर इसाई धर्म का प्रचार करते हुए लोगों को इसाई धर्म अपनाने के लिए लालच दे रहे थे। उन्हें यह झूठा दिलासा दिया जा रहा था कि प्रार्थना करने से उनके सारे रोग व कष्ट दूर हो जाएंगे। इस दौरान लोगों को गंभीर बीमारियों के भी ठीक हो जाने का दावा किया जा रहा था। इसकी जानकारी लोगों ने विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों व भाजयुमो के नेताओं को दी, जिसके बाद विहिप व भाजयुमो के पदाधिकारी उदयपुर ढाबा पहुंचे और धर्म का प्रचार करने वालों से पूछताछ की। बिना शासकीय अनुमति के कोरोना काल में इस प्रकार से भीड़ जुटाने पर जब आयोजकों से सवाल किया गया तो वे बगले झांकते नजर आए। धर्म परिवर्तन के लिए लालच देकर उकसाने का आरोप लगाए जाने के बाद आरोपी फादर सालवेशन मिंज व सभा के आयोजक अनिल किस्पोट्टा को पकड़कर मणिपुर चौकी ले जाया गया। यहां पर ग्राम केराकछार निवासी एक ग्रामीण की शिकायत पर आरोपियों के विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया है।

