शिक्षा के साथ धार्मिक आस्था में भी
छात्र-छात्राओं दिखाई अपनी प्रतिभा
20 अक्टूबर 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में रंगोली तथा अल्पना बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूल के सभी बच्चों ने आनंद पूर्वक हिस्सा लिया, आपको बताते चलें कि अल्पना यानी चावल के आटे से रंगोली के रूप में एक अच्छे स्वरूप तथा रंगोली का रूप देने की प्रक्रिया प्राचीन काल से चली आ रही है।
और यह परंपरा सनातन धर्म की धार्मिक आस्थाओं से जुड़ी है। जो अगहन मास के
गुरुवार को विशेष रुप से पूजा अर्चना हेतु किया जाता है। इसी धार्मिक आस्था से जुड़े ज्ञान को बच्चों को शिक्षा के साथ इस शैक्षणिक संस्थान में दिया जाता है, जोकि सचमुच में एक बेहतर प्रयास है। शिक्षा के साथ सामाजिक और धार्मिक परंपराओं से बच्चों को अवगत कराया जाना और उसमें आस्था के दीप जलाना यह अद्भुत प्रयास है जहां तक हमारे दृष्टिगोचर से यह आभास हुआ है कि किसी भी शैक्षणिक संस्था में इस तरह के आयोजन बहुतयात नहीं देखे जाते, लेकिन ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य श्रीमती निवेदन निवेदिता सरकार का यह प्रयास पूरे समाज के लिए एक बेहतरीन संदेश देता है।
आज इसी कड़ी में इस आयोजन को प्रतियोगिता के रूप में परोसा गया जो बेहद रोमांचक रहा और इसमें बच्चों की शिक्षा में धार्मिक समावेश की प्रक्रिया को बच्चों के परिजनों ने काफी सराहा।
इस आयोजन की मुख्य धारा से जुड़े कुछ पहलुओं पर नजर डाले जो कि अगहन मास के गुरुवार के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाएं जाते है। साथ ही मुख्य द्वार से लेकर आंगन व पूजाघर में चावल के आटे के घोल से अल्पनाएं बनाई जाती है।
अगहन महीने के पहले गुरुवार को इन अल्पनाओं में मां लक्ष्मी के पांव में अर्पित कर। इसके बाद मां लक्ष्मी के सिंहासन को आम, आंवला और धान की बलियों से सजाएं जाती है कलश स्थापित करने के बाद मां की पूजा कर फिर भोग लगाया जाता है।
मान्यता है कि अगहन महीने के हर गुरुवार मां को अलग-अलग पकवान का भोग लगाना चाहिए।
इससे मां प्रसन्न होती है और उनकी शुभ आशीर्वाद मिलता है। इस शुभ अवसर पर आस-पड़ोस की महिलाओं, बहू-बेटियों को प्रसाद बांटा जाता है। और यही सनातन धर्म की परंपरा है जिसका की हिंदू धर्म में नियम अनुसार पालन किया जाता है इसके बारे में शायद ही किसी स्कूल अथवा किसी भी शैक्षणिक संस्था में पूर्ण रूप से इस धार्मिक आयोजन को बच्चों के दिलों दिमाग पर एक प्रतियोगिता के रूप में शामिल करना यह अपने आप में बड़ी बात है यहां तक की हमने विगत कई वर्षों से इस चीज का आभास भी किया है कि ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल अपने आप में एक एक अद्भुत व सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों में सदैव अग्रणीय रही है।
जरा सोचिए यदि शिक्षा के साथ धार्मिक आस्था से जुड़ी चीजों के बारे में आपके बच्चों को ज्ञान रूपी जानकारी दी जाती है तो यह बेहद उम्दा संस्कार देने की प्रथा जो कि इस शैक्षणिक संस्थान द्वारा निरंतर की जाती रही है यह प्रथा अनमोल है। आज के इस आयोजन में भी सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा एक ऐसे त्योहार के बारे में जानकारी देते हुए बच्चों को एक प्रतियोगिता के रूप में आयोजन किया गया जिसमें कक्षा 1 से लेकर कक्षा पांचवी तक के बच्चों को रंगोली प्रतियोगिता में शामिल किया गया।
जहाँ छोटे-छोटे बच्चों को अपनी रुचि अनुसार रंगोली डालने हेतु प्रेरित किया गया जो की सचमुच ही अद्भुत रहा जिसमे रंगोली प्रतियोगिता में कक्षा पहली से प्रिया साहू प्रथम द्वितीय महक श्रीवास और कक्षा दूसरी से प्रथम लक्ष गंधर्व द्वितीय पलक भोई व तृतीय स्थान में अंशिका पटेल रही। वही कक्षा तीसरी से प्रथम स्थान आराधना कुजुर व द्वितीय स्थान पर चित्रलेखा यादव और तृतीय स्थान पर निष्ठा सिंह रही। कक्षा चौथी से प्रथम रितिक श्रीवास द्वितीय प्रियांशी सिंह एवं तृतीय स्थान पर कुमुद सोनी रही, कक्षा पांचवी से प्रथम रूही त्रिवेदी द्वितीय सौम्या छत्रिय और तृतीय प्रिया पांडे रही।
और अगली कड़ी में अल्पना बनाओ प्रतियोगिता में दो ग्रुप ने हिस्सा लिया जिसमें प्रथम ग्रुप { A } में कक्षा छठवीं से आठवीं तक के बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई वही ग्रुप {B} में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों ने अपना जौहर दिखाया जिसका की परिणाम ग्रुप {A} से प्रथम ओजल चंद्रवंशी वहीं द्वितीय स्थान पर अनुष्का राठौर तथा
ग्रुप {B} से प्रथम अनवेषा गुप्ता वहीं द्वितीय अन्नपूर्णा साहू रही।
आज के इस भव्य आयोजन में ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती निवेदिता सरकार वही वाइस प्रिंसिपल श्रीमती तापोषी सरकार के मार्गदर्शन में सफल आयोजन हेतु विशेष योगदान के रूप में विशेष रुप से नालंदा हाउस तान्या चटर्जी तथा प्रतिमा गर्ग और मिताली घोष के साथ स्कूल में पदस्थ सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।









