2 साल से था फरार..! 3 अन्य आरोपी पहले से ही हो चुके है गिरफ्तार
बिलासपुर {जनहित न्यूज़}बिलासपुर कोयला घोटाले के एक बड़े मामले में पुलिस ने भाजपा नेता के पुत्र रमाकांत उर्फ रोमी मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बीते दो साल से फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इससे पहले इसी मामले में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
क्या है मामला?
फिल कंपनी के मैनेजर संतोष सिंह ने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि गेवरा खदान से घुटकु कोल वॉशरी के लिए रवाना की गई कोयला लदी गाड़ियों से हेराफेरी की गई थी। आरोप है कि वाहन चालक बसंत कुमार ने अपने ट्रेलर मालिक शारदा राठौर, मौर्या कोल डिपो के संचालक रमाकांत मौर्य उर्फ रोमी मौर्य, डिपो के सुपरवाइजर अजय कुमार सिंह और लोचन रजक के साथ मिलकर गाड़ियों से उच्च गुणवत्ता का कोयला मौर्या कोल डिपो में उतार लिया और उसकी जगह खराब गुणवत्ता का कोयला लोड कर घुटकु कोल वाशरी भेज दिया।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं तीन आरोपी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही वाहन चालक बसंत कुमार, ट्रेलर मालिक शारदा राठौर, सुपरवाइजर अजय कुमार सिंह और लोचन रजक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन मुख्य आरोपी रोमी मौर्य फरार था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी रोमी मौर्य अपने घर दयालबंद, बिलासपुर में मौजूद है। इसके बाद थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने टीम गठित कर दबिश दी और रोमी मौर्य को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कोयला घोटाले में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
इन अफसरों की रही अहम भूमिका
पुलिस की इस कार्रवाई में रतनपुर थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार चौहान, प्र. आर. सत्यप्रकाश यादव और आर. विजेंद्र रात्रे की अहम भूमिका रही
बड़े सवाल:
कोयला घोटाले में और कौन-कौन शामिल है?
क्या यह संगठित अपराध का हिस्सा है?
इस मामले में और किसकी गिरफ्तारी हो सकती है?
फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और संभावना है कि इस घोटाले से जुड़े और भी नाम जल्द सामने आ सकते हैं।

