पूरे इलाके में फैली दहशत…!
24 घंटों में हाथी ने दो जगह किया हमला एक महिला की मौत तीन अन्य घायल…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज]
सीपत क्षेत्र में पिछले दस दिनों से घूम रहा जंगली हाथी अब शहर की दहलीज़ तक दस्तक देने लगा है। उसकी अनियंत्रित गतिविधियों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। बीते 24 घंटों में हाथी ने दो जगह हमला कर दिया एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल होकर अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहे हैं।
आधी रात का हमला: बाड़ी में सो रही महिला की मौत बैमा खपराखोल गांव में बुधवार देर रात खौफनाक वारदात हुई।
45 वर्षीय कुमारी बाई यादव अपने घर से लगी बाड़ी में धान की रखवाली कर रही थीं। साथ में उनकी 17 वर्षीय बेटी और 13 वर्षीय बेटा भी सो रहे थे।

इसी दौरान अचानक जंगली हाथी वहां जा पहुँचा और परिवार पर हमला बोल दिया।
महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत
दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल, इलाज जारी गांव के लोगों के मुताबिक हाथी पिछले कई दिनों से गांव की सीमा के आसपास मंडरा रहा था, लेकिन इतने नज़दीक आने की किसी को उम्मीद नहीं थी। भोर में दूसरा हमला: धुरीपारा का ग्रामीण जख्मी रात भर का आतंक सुबह भी खत्म नहीं हुआ। सुबह 4:30 बजे हाथी ने पौसरी के पास धुरीपारा गांव के एक ग्रामीण पर हमला कर दिया।
पैर में गंभीर चोट निजी अस्पताल में भर्ती
इन दो घटनाओं के बाद पूरा क्षेत्र खौफ में है। ग्रामीणों ने रातभर जागकर समय बिताया, किसी की नींद नहीं लगी।
शहर की ओर बढ़ता खतरा…
प्रशासन में हड़कंप
सीपत से शहर की दूरी बेहद कम है। हाथी की लगातार बढ़ती मूवमेंट ने शहरवासियों और प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
पिछले दस दिनों में हाथी को सीपत, बैमा, पौसरी, घुरीपारा और आसपास के जंगलों में कई बार देखा गया। वन विभाग की निगरानी तेज वन विभाग का दावा है कि हाथी की लोकेशन पर लगातार नजर फील्ड स्टाफ इलाके में तैनात मूवमेंट की मॉनिटरिंग जारी सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुंच रही हैं।

इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि हाथी रात में गांवों तक पहुंच जा रहा है, जिससे भय कम होने का नाम नहीं ले रहा।
घटनाओं का सार
स्थान समय घटना स्थिति…
बैमा खपराखोल देर रात महिला व बच्चों पर हमला महिला की मौत, 2 बच्चे घायल
धुरीपारा (पौसरी) सुबह 4:30 बजे ग्रामीण पर हमला गंभीर चोट ग्रामीणों में डर खेत, जंगल और रास्तों पर सन्नाटा पिछले दस दिनों से हाथी की अनियंत्रित आवाजाही ने किसानों मजदूरों ग्रामीणों सबमें आतंक फैला दिया है। रात में लोग खेतों और रास्तों पर जाने से डर रहे हैं।

