फरार मुख्य आरोपी विमल सप्रे सहित नाबालिक सह आरोपी गिरफ्तार…!
मुंगेली-{जनहित न्यूज़}
मुंगेली जिले में जमीन विवाद को लेकर ग्राम नेवासपुर में हुई हत्या के मामले में मुंगेली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में थाना सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी विमल सप्रे तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रकरण के अनुसार 11 दिसंबर 2025 को नेवासपुर स्थित खेत में धान फसल काटने को लेकर विवाद हुआ था। पीड़ित जनक सोनकर द्वारा फसल काटने से मना करने पर आरोपियों ने एक राय होकर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देते हुए लाठी, डंडा, टंगिया और लोहे के रॉड से गंभीर मारपीट की। गंभीर रूप से घायल जनक सोनकर को जिला अस्पताल मुंगेली में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं अनुविभागीय अधिकारी मयंक तिवारी के पर्यवेक्षण में पुलिस ने पहले ही 07 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।
इसी क्रम में लगातार पतासाजी और तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर 23 दिसंबर 2025 को फरार मुख्य आरोपी विमल सप्रे (उम्र 35 वर्ष) को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए घटना में प्रयुक्त 01 बांस का डंडा पुलिस को सौंपा। साथ ही उसके द्वारा एक विधि से संघर्षरत बालक की संलिप्तता उजागर होने पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे भी अभिरक्षा में लिया गया।
विवेचना के दौरान आरोपियों द्वारा षड्यंत्रपूर्वक एक राय होकर हत्या किया जाना पाए जाने पर प्रकरण में धारा 61(2) बीएनएस जोड़ी गई है। इस मामले में थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में अपराध क्रमांक 530/25 अंतर्गत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में कार्यवाही की जा रही है।

सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े (थाना प्रभारी, सिटी कोतवाली मुंगेली), सउनि भानुप्रताप बर्मन, मधुकर रात्रे, प्रआर चंद्र कुमार ध्रुव, मनोज ठाकुर, राजेश बंजारे, आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव, नोहर डड़सेना, अजय चंद्राकर, रवि श्रीवास एवं मनोज टंडन की भूमिका सराहनीय रही।
मुंगेली पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं, और गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों को बख्शा नहीं

